UP Cough Syrup Case शुभम के परिवार की 38 करोड़ की संपत्तियों पर प्रशासन का शिकंजा
UP Cough Syrup Case में आरोपी शुभम के पिता, पत्नी, बहू और बेटी की 38 करोड़ की संपत्तियों को चिह्नित किया गया। अदालत ने सभी सदस्यों को 2 जनवरी को संपत्तियों का ब्योरा पेश करने का नोटिस जारी किया। पुलिस और प्रशासन ने अवैध संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
UP Cough Syrup Case उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी का मामला अब और गंभीर रूप ले चुका है। इस कांड के मास्टरमाइंड शुभम और उसके परिवार की संपत्तियों पर प्रशासन ने शिकंजा कसा है,डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि शुभम के पिता भोला प्रसाद, पत्नी शारदा, बहू वैशाली और बेटी प्रगति के नाम कुल 38 करोड़ रुपये की संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। प्रशासन का दावा है,कि कफ सिरप की तस्करी से अर्जित अवैध धन से ये संपत्तियां बनाई गई हैं।
अदालत ने सभी सदस्यों को नोटिस जारी कर 2 जनवरी को एफटीसी 14 एनडीपीएस कोर्ट में संपत्तियों का ब्योरा पेश करने का आदेश दिया है।
UP Cough Syrup Case जांच में यह सामने आया कि भोला प्रसाद के नाम भेलूपुर में 23 करोड़ का मकान है, जबकि उनकी पत्नी शारदा के नाम सिगरा में 8 करोड़ का मकान दर्ज है। बेटी प्रगति और बहू वैशाली के नाम पिंडरा और अन्य स्थानों पर करीब 7 करोड़ की जमीन और अन्य संपत्तियां भी शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि अदालत संतोषजनक उत्तर नहीं पाती है, तो सीधे जब्ती और अवैध संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में एक और बड़ा अपडेट सामने आया है। मिर्जापुर अदलहाट पुलिस ने मध्य प्रदेश के सतना जिले के निवासी और वाराणसी में रह रहे एक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी बरईपुर गांव में फर्जी फर्म बनाकर कोडीनयुक्त सिरप की सप्लाई करता था। फर्म के खाते में 8.25 करोड़ रुपये का टर्नओवर दर्ज हुआ है।
UP Cough Syrup Case इससे पहले दो तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। औषधि निरीक्षक संतोष कुमार पटेल ने चार दिसंबर को अदलहाट थाने में तीन और जमालपुर में एक फर्म मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है, कि चारों फर्जी फर्म बनाकर अवैध सिरप सप्लाई का नेटवर्क चला रहे थे। इनमें “सनराइज ट्रेडर्स” जमालपुर-बरईपुर में पंजीकृत है।
UP Cough Syrup Case प्रशासन ने सभी आरोपी और उनके परिवार के खिलाफ जांच लगातार जारी रखने का निर्णय लिया है। अदालत द्वारा दिए गए नोटिस के अनुसार सभी सदस्यों को कोर्ट में उपस्थित होकर अपनी संपत्तियों का ब्योरा देना होगा। साथ ही कफ सिरप तस्करी में शामिल अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान और गिरफ्तारी की जाएगी। यह मामला स्पष्ट रूप से दिखाता है, कि कानून का शासन किसी भी स्तर पर कमजोर नहीं होने देगा।
इस जांच का मकसद केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों का लक्ष्य अवैध संपत्तियों की सही जानकारी और जब्ती करना भी है। यदि अदालत को संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है, तो कोर्ट से संपत्तियों की कुर्की का आदेश भी लिया जा सकता है। इस प्रक्रिया से यह संदेश जाएगा कि अवैध कमाई और अपराध से जुड़े धन पर भी सख्त कार्रवाई होगी।
विशेषज्ञों का कहना है,कि इस कार्रवाई से भविष्य में ऐसे अवैध नेटवर्क को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रशासन ने फर्जी फर्म और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया है। पुलिस का यह कदम कानून के प्रति गंभीरता और नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है।
UP Cough Syrup Case कोडीनयुक्त सिरप की तस्करी और अवैध संपत्तियों की जांच का यह मामला पूरे उत्तर प्रदेश में लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन का कहना है,कि इस मामले में हर छोटे और बड़े आरोपी को पकड़ने के लिए पर्याप्त संसाधन लगाए गए हैं। इसके अलावा समाज को भी चेतावनी दी जा रही है,कि अवैध कारोबार से जुड़े लोग कानून की नजर में हैं।
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