UP Police Bribery Case 15 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया हेड कांस्टेबल, एसपी की सख्ती से निलंबन और एंटी करप्शन कोर्ट में पेशी
UP Police Bribery Case में बस्ती के वाल्टरगंज थाने के हेड कांस्टेबल राकेश चौहान को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया, एसपी अभिनंदन ने किया निलंबित, एंटी करप्शन कोर्ट में पेशी
जब कानून की रखवाली करने वाला ही कानून तोड़ते पकड़ा जाए, तो भरोसे को सबसे गहरी चोट लगती है। बस्ती जिले से सामने आया यह मामला भी कुछ ऐसा ही है, जिसने आम लोगों के बीच चर्चा और चिंता दोनों बढ़ा दी है। UP Police Bribery Case में वाल्टरगंज थाने में तैनात हेड कांस्टेबल राकेश चौहान को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया और तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
यह कार्रवाई एंटी करप्शन टीम ने दरौली गांव निवासी मनीष कुमार चौधरी की शिकायत पर की। मनीष ने बताया कि उनके पिता मिट्टी के काम से जुड़े हैं, और परिवार की कई गाड़ियां ईंट-भट्टों से चलती हैं, जो अक्सर वाल्टरगंज थाने के इलाके से होकर गुजरती हैं। आरोप है कि 10 दिसंबर को थानेदार ने उन्हें बुलाकर कहा था कि यदि गाड़ियां बिना रोक टोक चलानी हैं, तो प्रत्येक गाड़ी के हिसाब से पांच हजार रुपये प्रतिमाह देने होंगे। इसी अवैध मांग से परेशान होकर मनीष ने एंटी करप्शन विभाग का दरवाजा खटखटाया, जिससे UP Police Bribery Case की नींव पड़ी।
शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही हेड कांस्टेबल राकेश चौहान ने 15 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई। एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर विनोद कुमार यादव ने पुष्टि की कि आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत गोरखपुर ले जाया गया है, जहां उसे एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई ने UP Police Bribery Case को गंभीरता से लेने का संकेत दिया है।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने सख्त रुख अपनाया और हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया। साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन का साफ कहना है, कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है, और किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह के कदमों का मकसद केवल सजा देना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में जवाबदेही और अनुशासन कायम करना है। यही कारण है, कि UP Police Bribery Case को एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और कानून विशेषज्ञों का मानना है, कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से आम नागरिकों का भरोसा मजबूत होता है। यह केस यह भी दिखाता है, कि अगर लोग हिम्मत करके शिकायत करें, तो कार्रवाई संभव है। आने वाले दिनों में इस UP Police Bribery Case की सुनवाई एंटी करप्शन कोर्ट में होगी, जिस पर पूरे जिले की नजर बनी हुई है।
Disclaimer: यह समाचार पुलिस और एंटी करप्शन विभाग से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। कानून के अनुसार दोष सिद्ध होने तक आरोपी को निर्दोष माना जाएगा।