पेड़ से लटकता मिला 25 वर्षीय युवक का शव, पत्नी बोली यह आत्महत्या नहीं, सुनियोजित Youth Hanging Case
Youth Hanging Case में कैंपियरगंज के माधोपुर गांव में युवक का शव पेड़ से लटका मिला। पत्नी ने हत्या का आरोप लगाया। फॉरेंसिक जांच, पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।
कभी कभी कोई खबर सिर्फ अपराध की सूचना नहीं होती, बल्कि वह एक परिवार के उजड़ने की कहानी होती है। कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव स्थित शुभहिता टोला में गुरुवार तड़के जो दृश्य सामने आया, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। 25 वर्षीय अयोध्या साहनी का शव घर के ठीक बगल में एक पेड़ से फंदे के सहारे लटकता मिला। यह मामला सामने आते ही Youth Hanging Case के रूप में चर्चा में आ गया और गांव में सनसनी फैल गई।
अयोध्या साहनी की शादी करीब छह साल पहले सुधा से हुई थी। दंपती की एक छोटी बेटी परी है, जो अभी अपने पिता की मौत का अर्थ भी नहीं समझ पा रही। अयोध्या निजी एंबुलेंस चालक था और अधिकतर गोरखपुर शहर में ही अपने परिवार के साथ रहता था। पुलिस के अनुसार वह गुरुवार तड़के अचानक गांव पहुंचा और कुछ ही देर बाद उसका शव पेड़ से लटका मिला। हालांकि परिजन इसे आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं,और पूरे मामले को Youth Hanging Case बताते हुए हत्या का आरोप लगा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पत्नी सुधा मासूम बेटी को गोद में लेकर मौके पर पहुंची। रोते हुए उसने कहा कि उसके पति की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, न ही वह इतना कमजोर था कि आत्महत्या कर ले। सुधा ने अज्ञात लोगों पर हत्या कर शव को पेड़ से लटकाने का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का दावा है,कि शरीर पर कुछ ऐसे निशान थे, जो इस Youth Hanging Case को और संदिग्ध बनाते हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू की गई इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस का कहना है, कि Youth Hanging Case में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सबसे अहम कड़ी होगी।
इस मामले में थानाध्यक्ष राकेश रोशन सिंह ने स्पष्ट रूप से बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, उन्होंने कहा कि अभी यह तय करना जल्दबाजी होगी कि यह आत्महत्या है,या हत्या। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस कॉल डिटेल, पारिवारिक पृष्ठभूमि और घटनास्थल से जुड़े हर तथ्य की जांच कर रही है, ताकि इस Youth Hanging Case की सच्चाई सामने लाई जा सके।
ग्रामीणों के बीच भी इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है, कि अयोध्या का स्वभाव सामान्य था और वह अपने परिवार को लेकर काफी जिम्मेदार था। ऐसे में अचानक उसकी मौत ने कई आशंकाओं को जन्म दिया है। पुलिस प्रशासन का दावा है, कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और अगर यह Youth Hanging Case हत्या में बदलता है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला अब सिर्फ एक युवक की मौत नहीं, बल्कि एक परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई बन चुका है। सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि अयोध्या साहनी की मौत आत्महत्या थी या फिर एक साजिश के तहत अंजाम दिया गया Youth Hanging Case।
Disclaimer यह समाचार पुलिस, परिजनों और प्रारंभिक जांच पर आधारित है। अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने का उद्देश्य नहीं है।