mahaveer-jayanti-2025-jain-samuday-utsav-महावीर जयंती 2025: अहिंसा और सादगी के संदेश के साथ देशभर में धूमधाम से मनाया गया पर्व

Written by: akhtar husain

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Mahaveer Jayanti 2025: महावीर जयंती 2025: अहिंसा और सादगी के संदेश के साथ देशभर में धूमधाम से मनाया गया पर्व

नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2025, mahaveer-jayanti-2025-jain-samuday-utsav जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के प्रकाश पर्व महावीर जयंती को आज पूरा देश उल्लास और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मना रहा है। इस वर्ष यह पर्व और भी विशेष रहा, क्योंकि देश भर में शांति, अहिंसा, और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इसे एक “राष्ट्रीय संदेश दिवस” के रूप में भी मनाया गया। सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों ने मिलकर इस अवसर पर ऐसे कार्यक्रमों की श्रृंखला तैयार की, जो न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े थे।

mahaveer-jayanti-2025-jain-samuday-utsavMahaveer Jayanti 2025 भगवान महावीर: जीवन और संदेश

भगवान महावीर का जन्म आज से लगभग 2600 वर्ष पूर्व बिहार के कुंडग्राम में हुआ था। उन्होंने 30 वर्ष की आयु में सांसारिक सुखों का त्याग कर दिया और 12 वर्षों की कठोर तपस्या के बाद ‘कैवल्य ज्ञान’ प्राप्त किया। mahaveer-jayanti-2025-jain-samuday-utsav उनके उपदेशों में अहिंसासत्यअस्तेय (चोरी न करना), ब्रह्मचर्य, और अपरिग्रह (संग्रह न करना) जैसे पाँच महाव्रत प्रमुख हैं। इन सिद्धांतों ने न केवल जैन धर्म बल्कि भारतीय दर्शन और संस्कृति को गहराई से प्रभावित किया। mahaveer-jayanti-2025-jain-samuday-utsavआज के दौर में जब दुनिया हिंसा, भौतिकवाद, और पर्यावरणीय संकटों से जूझ रही है, महावीर का दर्शन और भी प्रासंगिक हो उठा है।

Mahaveer Jayanti 2025 देशभर के तीर्थस्थलों में उत्सव की धूम

महावीर जयंती के अवसर पर देश के प्रमुख जैन तीर्थस्थलों में लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।

  1. पावापुरी, बिहार: जहाँ भगवान महावीर ने निर्वाण प्राप्त किया था, वहाँ ‘जल मंदिर’ के सरोवर में विशेष आरती का आयोजन किया गया। इसके अलावा, ‘महावीर स्मृति व्याख्यानमाला’ में देश-विदेश के विद्वानों ने उनके दर्शन पर चर्चा की।
  2. शत्रुंजय, गुजरात: दुनिया के सबसे बड़े जैन तीर्थस्थल पर इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुँचे। पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुँचने के लिए 10 किलोमीटर की पैदल यात्रा की गई, जिसे ‘सौभाग्य यात्रा’ नाम दिया गया।
  3. श्रवणबेलगोला, कर्नाटक: यहाँ 57 फुट ऊँची भगवान बाहुबली की प्रतिमा के समीप महावीर जयंती के उपलक्ष्य में ‘अहिंसा संकल्प समारोह’ आयोजित किया गया, जिसमें 10,000 से अधिक लोगों ने शाकाहार अपनाने की शपथ ली।

इनके अलावा, दिल्ली के दिगंबर जैन लाल मंदिर, मुंबई के हुबली मंदिर, और कोलकाता के पारसनाथ मंदिर में भी 24 घंटे तक भक्ति गीतों और प्रार्थनाओं का दौर चला।

mahaveer-jayanti-2025-jain-samuday-utsav शोभायात्राएँ: रंग, संगीत, और संदेश का मेल

महावीर जयंती की शोभायात्राएँ इस पर्व का सबसे आकर्षक पहलू रहीं। इनमें भगवान महावीर के जीवन की झलक दिखाने वाली झाँकियाँ, पारंपरिक नृत्य, और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे।

  • जयपुर, राजस्थान: यहाँ ‘अहिंसा रथ’ के साथ एक विशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने महावीर के जीवन प्रसंगों को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया। बच्चों ने ‘जियो और जीने दो’ थीम पर आधारित पेंटिंग्स बनाकर उन्हें रथ पर सजाया।
  • अहमदाबाद, गुजरात: शहर में ‘पर्यावरण रथ’ ने लोगों का ध्यान खींचा। इस रथ पर पेड़-पौधों से सजी झाँकियाँ और ‘प्लास्टिक मुक्त भारत’ के संदेश वाले बैनर लगे थे।
  • वाराणसी, उत्तर प्रदेश: गंगा घाटों पर महावीर के संदेशों को प्रकाश प्रदर्शनी के माध्यम से दर्शाया गया। साथ ही, नाविकों ने नदी में दीप प्रवाहित कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।

इन यात्राओं में शामिल लोगों ने “सर्वे भवन्तु सुखिनः” (सभी सुखी हों) और “कृण्वन्तो विश्वमार्यम” (विश्व को श्रेष्ठ बनाएँ) जैसे नारों के साथ सामाजिक एकता का संदेश दिया।

mahaveer-jayanti-2025-jain-samuday-utsav सामाजिक सेवा: अन्नक्षेत्र से लेकर रक्तदान तक

जैन समुदाय ने इस दिन को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाते हुए देशभर में कई पहलें कीं:

  • अन्नदान: दिल्ली, मुंबई, और बैंगलोर सहित 50 शहरों में 1 लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क शाकाहारी भोजन वितरित किया गया। कोलकाता के एक अन्नक्षेत्र में तो विशेष रूप से गरीब बच्चों और वृद्धों के लिए पौष्टिक भोजन तैयार किया गया।
  • रक्तदान अभियान: जैन युवा संघों ने 200 से अधिक रक्तदान शिविर लगाए, जिनमें 25,000 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।
  • पर्यावरण बचाओ: प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए 10 लाख कपड़े के थैले वितरित किए गए। साथ ही, ‘हरियाली मिशन’ के तहत देशभर में 1 लाख पौधे लगाए गए।

mahaveer-jayanti-2025-jain-samuday-utsav डिजिटल दुनिया में महावीर जयंती

तकनीक के इस युग में महावीर जयंती ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

  • वर्चुअल प्रार्थना सभाएँ: दुनिया भर के जैन समुदाय के लोगों ने ‘Global Jain Unity’ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन सत्संग में भाग लिया।
  • सोशल मीडिया अभियान: #MahavirJayanti2025 और #PathOfNonViolence जैसे हैशटैग्स ट्विटर और इंस्टाग्राम पर ट्रेंड किए। mahaveer-jayanti-2025-jain-samuday-utsav युवाओं ने महावीर के उद्धरणों को क्रिएटिव ग्राफिक्स और रील्स के जरिए शेयर किया।
  • ई-किताबें और वेबिनार: ‘जैन डिजिटल लाइब्रेरी’ ने महावीर के जीवन पर आधारित ई-बुक्स मुफ्त में उपलब्ध कराईं, जबकि प्रख्यात विद्वान डॉ. ललित किशोर ने ‘महावीर और आधुनिक युवा’ विषय पर लाइव सेशन आयोजित किया।

Mahaveer Jayanti 2025 सरकार और नेताओं ने दी बधाई

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