UP Daroga Bharti 2025: नई गाइडलाइन जारी, महिला उम्मीदवारों के लिए पिता का जाति प्रमाणपत्र अनिवार्य
UP Daroga Bharti 2025 को लेकर भर्ती बोर्ड ने हाल ही में एक अहम घोषणा की है। नई जारी हुई गाइडलाइन के मुताबिक अब महिला अभ्यर्थियों को आवेदन के साथ केवल पिता के नाम से बने जाति प्रमाणपत्र ही जमा करने होंगे। इस बदलाव के बाद सोशल मीडिया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच जमकर बहस छिड़ गई है। जहां एक वर्ग इसे भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और सटीक बनाने वाला कदम मान रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे महिला उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त बोझ और भेदभावपूर्ण नियम बता रहे हैं।
UP Daroga Bharti 2025 नई गाइडलाइन क्या कहती है?
इसे भी पढ़ें स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में सरकारी नौकरी
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने स्पष्ट कर दिया है, कि इस बार की UP Daroga Bharti 2025 में महिला अभ्यर्थियों के लिए पति के नाम से जारी जाति प्रमाणपत्र मान्य नहीं होंगे। इसके स्थान पर उन्हें केवल पिता के नाम से जारी जाति प्रमाणपत्र ही प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
इसका सीधा मतलब यह है, कि शादीशुदा महिलाएं, जिन्होंने पहले पति के नाम पर जाति प्रमाणपत्र बनवाया था, उन्हें अब पिता के नाम से नया प्रमाणपत्र बनवाना होगा।
नियम बदलने के पीछे की वजह
भर्ती बोर्ड का कहना है, कि अक्सर जाति प्रमाणपत्रों को लेकर भ्रम और विवाद सामने आते हैं। कई बार पति और पिता दोनों के जाति प्रमाणपत्र अलग-अलग श्रेणी के होते हैं, जिससे प्रशासनिक दिक्कतें पैदा होती हैं।
UP Daroga Bharti 2025 में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
उम्मीदवारों पर असर
भर्ती प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और साफ-सुथरी होगी।
फर्जीवाड़ा रोकने में मदद मिलेगी।
विवाद और कोर्ट केस कम होंगे।
असली हकदार उम्मीदवारों को ही लाभ मिलेगा।
शादीशुदा महिलाओं को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
जिनके पिता का देहांत हो चुका है, या जिनके पास पिता का डॉक्यूमेंट नहीं है, उनके लिए मुश्किल बढ़ सकती है।
प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया समय लेने वाली और झंझट वाली है।
महिला अभ्यर्थियों को डबल डॉक्यूमेंटेशन का सामना करना पड़ेगा।
सोशल मीडिया पर मिला मिला-जुला रिएक्शन
नई गाइडलाइन सामने आते ही UP Daroga Bharti 2025 ट्विटर (X), फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर ट्रेंड करने लगी।
कई छात्रों ने लिखा – “यह सही कदम है, फर्जीवाड़ा रुकेगा और असली उम्मीदवारों को फायदा मिलेगा।”
वहीं कई महिला अभ्यर्थियों ने कहा – “हम पर डबल बोझ डाला जा रहा है। पहले पति का नाम जरूरी था, अब पिता का नाम। आखिर कब तक झेलना पड़ेगा?”
भर्ती प्रक्रिया में बदलाव महिलाओं के लिए बड़ा चैलेंज
दरअसल, अब तक अधिकतर सरकारी भर्ती में महिला उम्मीदवारों के लिए पति का जाति प्रमाणपत्र मान्य माना जाता था। लेकिन UP Daroga Bharti 2025 ने इस प्रथा को पूरी तरह बदल दिया है।
इससे न केवल नए आवेदन करने वाली महिलाओं को दिक्कत होगी, बल्कि पहले से तैयारी कर रही छात्राओं को भी समय पर नया प्रमाणपत्र बनवाना होगा।
क्या इससे भर्ती प्रक्रिया और पारदर्शी होगी?
यह बड़ा सवाल है।
सकारात्मक पक्ष: हां, यह कदम निश्चित तौर पर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाएगा। जातिगत भ्रम की संभावना कम होगी।
नकारात्मक पक्ष: लेकिन यह भी सच है,कि महिला उम्मीदवारों को अनावश्यक बोझ उठाना पड़ेगा। प्रशासन को इस नियम में Child लचीलापन रखना चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को असुविधा न हो।
UP Daroga Bharti 2025 – उम्मीदवारों के लिए बहुत जरूरी सलाह
अगर आप UP Daroga Bharti 2025 में आवेदन करने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों पर खास ध्यान दें:
1. सबसे पहले पिता के नाम से नया जाति प्रमाणपत्र समय रहते बनवा लें।
2. सभी शैक्षणिक और पहचान संबंधी दस्तावेज़ों को एक बार अच्छे से जांच लें और जरूरत पड़ने पर अपडेट करवा लें।
3. आवेदन की आखिरी तारीख का इंतजार न करें, सभी जरूरी कागजात पहले से तैयार रखें।
4. भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर लगातार नोटिफिकेशन और अपडेट्स चेक करते रहें ताकि कोई महत्वपूर्ण बदलाव मिस न हो।
निष्कर्ष
UP Daroga Bharti 2025 की नई गाइडलाइन ने चयन प्रक्रिया को बिल्कुल अलग दिशा में मोड़ दिया है। यह बदलाव एक ओर भर्ती प्रणाली को और अधिक साफ-सुथरा और निष्पक्ष बनाने का प्रयास माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह नियम महिला अभ्यर्थियों के लिए एक नई चुनौती और अतिरिक्त जिम्मेदारी लेकर आया है।
सरकार और भर्ती बोर्ड को चाहिए कि वे महिला अभ्यर्थियों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए आसान विकल्प उपलब्ध कराएं।
कुल मिलाकर, यह नियम पारदर्शिता और कठिनाई दोनों का मिश्रण है। अब देखना यह होगा कि यह फैसला महिला अभ्यर्थियों के लिए रोडब्लॉक बनेगा या उनकी मेहनत और संघर्ष को और मजबूती देगा।