Sheep Died in Lucknow पीएम मोदी के उद्घाटन के बाद राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास दर्दनाक हादसा, 70 से ज्यादा भेड़ों की मौत से मचा हड़कंप
Sheep Died in Lucknow पीएम मोदी द्वारा उद्घाटित राष्ट्र प्रेरणा स्थल के आसपास 70 से ज्यादा भेड़ों की मौत, फूड पॉइजनिंग की आशंका, चरवाहों की मांग मुआवजा और जांच।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित राष्ट्र प्रेरणा स्थल के आसपास 70 से अधिक भेड़ों की मौत हो गई। Sheep Died in Lucknow की इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था, नगर निगम की जिम्मेदारियों और गरीब चरवाहों की बदहाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा न सिर्फ पशु सुरक्षा बल्कि सार्वजनिक आयोजनों के बाद की व्यवस्थाओं को लेकर भी बहस छेड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया था। कार्यक्रम के बाद वहां बचे हुए खाने को कथित तौर पर खुले में फेंक दिया गया। चरवाहों का आरोप है,कि यही बासी और सड़ा हुआ खाना खाने से भेड़ों की तबीयत बिगड़ी और देखते ही देखते Sheep Died in Lucknow की यह दुखद घटना सामने आ गई। सोमवार 29 दिसंबर तक 70 से 75 भेड़ों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 200 भेड़ों की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है।
मृत भेड़ों के शरीर पूरी तरह अकड़े हुए मिले हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग की आशंका और गहराती है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और पशुपालन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब 30 डॉक्टरों की मेडिकल टीम भेड़ों के इलाज में जुटी है। पशु चिकित्सा अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि Sheep Died in Lucknow जैसी स्थिति और न बिगड़े।
ये सभी भेड़ें चार चरवाहों प्रदीप कुमार, विजय पाल, अजय पाल और शिवरतन—की थीं, जो फतेहपुर से अपनी आजीविका के लिए लखनऊ आए थे। चरवाहों का दर्द छलक पड़ा जब उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी खत्म हो गई। एक चरवाहे ने भावुक होकर कहा कि अब उनके पास “जहर खाने के अलावा कुछ नहीं बचा।” बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य को लेकर उनकी चिंता ने Sheep Died in Lucknow की घटना को एक मानवीय त्रासदी में बदल दिया है।
भिठौली क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारी आरपी सचान ने बताया कि यह मामला फूड पॉइजनिंग का हो सकता है। उनके अनुसार सड़ा या अत्यधिक खाना खाने से भेड़ों में ब्लॉट की समस्या हो जाती है, जिससे पेट फूलता है, सांस लेने में दिक्कत होती है और कई बार जान चली जाती है। डॉक्टरों की कई टीमें भेड़ों को बचाने की कोशिश कर रही हैं, ताकि Sheep Died in Lucknow की संख्या और न बढ़े।
हेल्पिंग हैंड NGO की अध्यक्ष चारु खरे ने उद्घाटन समारोह के बाद साफ-सफाई न होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लंच बॉक्स और बचा हुआ खाना वहीं फेंक दिया गया, जिसे पशुओं ने खा लिया। उन्होंने नगर निगम और जिला प्रशासन की लापरवाही को Sheep Died in Lucknow की बड़ी वजह बताया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सुरेश कुमार सिंह के अनुसार अब तक 71 भेड़ों की मौत हो चुकी है, जबकि 74 से 75 भेड़ों को बचा लिया गया है। सभी मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम कराया गया है,और विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। प्रारंभिक जांच में Sheep Died in Lucknow का कारण फूड पॉइजनिंग माना जा रहा है। चरवाहों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले का संज्ञान लेने और उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि उनके जीवन की दोबारा शुरुआत हो सकेगा
डिस्क्लेमर
यह समाचार लेख उपलब्ध प्रशासनिक बयानों, मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। जांच प्रक्रिया जारी है और तथ्यों में आधिकारिक पुष्टि के बाद बदलाव संभव है। लेख का उद्देश्य केवल सूचना देना है, किसी व्यक्ति या संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाना
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