Varanasi Ground Report: Dalmandi विस्तार योजना — 189 घर, 10,000 दुकानें और 6 मस्जिदों पर अटक गया बुलडोज़र
Varanasi Ground Report में यह तस्वीर उभर रही है कि काशी के दिल में स्थित दालमंडी मार्केट में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के चलते 189 निवासी भवन, करीब 10,000 व्यापारी स्टॉल्स और छह पुरानी मस्जिद संभावित रूप से ध्वस्त हो सकते हैं। यह एक विकास की योजना नहीं, बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक crisis alarm है।
Varanasi Ground Report: Dalmandi मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी से करोड़ों रुपए की दालमंडी सड़क चौड़ीकरण योजना को हरी झंडी मिल चुकी है। योजना के तहत 650 मीटर लंबी दालमंडी सड़क को 17.4 मीटर चौड़ा किया जाना तय माना जा रहा है लेकिन उसमें 10 मीटर की केंद्र सड़क और दोनों ओर 3.2 मीटर फुटपाथ शामिल हैं ।
Varanasi Ground Report: Dalmandiयह परियोजना काशी विश्वनाथ धाम दरवाज़ा नं. 4 तक तीर्थयात्रियों के आने-जाने को सुगम बनाने की रणनीति का हिस्सा है। सरकार ने इस योजना पर कुल ₹215.88 करोड़ मंजूर किए हैं, जिसमें से लगभग ₹200 करोड़ इमारत अधिग्रहण व मुआवजा के लिए संकलित किया गया है। पार्किंग, नालियों और बिजली की व्यवस्था भी इस फूटपाथ के नीचे व्यवस्थित किए जाने की बात कही गई है ।
प्रभावित वस्तु और सांस्कृतिक विरासत

184 से 189 भवनों की पहचान की गई है, जिनमें गिरने की संभावना है।
इनमें प्रत्येक इमारत में कम से कम चार दुकानें हैं, जिससे लगभग 10,000 लोगों की आजीविका अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो सकती है ।
इस परियोजना में 6 मुस्लिम मस्जिदों का स्थान आने की चर्चा हो रही है, जिनमें ऐतिहासिक महत्व वाली संरचनाएँ भी शामिल हैं ।
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Varanasi Ground Report: डालमंडी
कानूनी पारा: HC की रोक और सरकारी आश्वासन
अलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्थिति कायम रखने (status quo) का निर्देश दिया है — जब तक वैधानिक तरीके से भूमि अधिग्रहण नहीं हो जाता तब तक किसी भी मकान या दुकान को तोड़ा नहीं जा सकता है
Varanasi Ground Report: Dalmandi सरकार ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि जब तक किसी भवन का कानूनी दस्तावेज नहीं मिलेगा, तब तक उसे नहीं हटाया जाएगा। कोर्ट ने भी यह मानकर याचिका खारिज कर दी कि सरकार दावा करती है कि बिना वैकल्पिक आदान-प्रदान या अधिग्रहण के कोई कार्रवाई नहीं होगी ।
Mufti Nomani और समुदाय की अपील
Mufti‑e‑Banaras Maulana Abdul Batin Nomani ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दालमंडी विस्तार योजना को दोबारा विचारने का अनुरोध किया है। उनके अनुसार यह क्षेत्र सांस्कृतिक दृष्टि से ज़िंदगी से जुड़ा हुआ है, जहां 10,000 से अधिक परिवारों की आजीविका संकट में है और मस्जिदों की गिरावट से विवाद भी गहरा सकता है ।
कांग्रेस ने भी इसका विरोध किया है और एक 12 सदस्यीय सर्वे टीम गठित की है, जो इलाके का मुआयना कर रही है। विरोधियों की दलील है कि दालमंडी प्रोजेक्ट काशी के आत्म‑भाव पर हमला है ।
Varanasi Ground Report: Dalmandi संभावित लाभ: सुरक्षित चौड़ी सड़क का वादा
तीर्थयात्रियों हेतु बेहतर और तंग‑भरी बनारस में सुविधा पूर्वक सड़क व्यवस्था।
काशी विश्वनाथ धाम तक पहुँच में सुधार, जिससे ट्रैफ़िक जाम कम होता दिख रहा है।
नवीनीकरणीय संरचना के तहत जांच‑परख के आधार पर दीवारों, लाइटिंग, नाली, बिजली लाइन जैसे बुनियादी बुनियादी ढांचे का एक व्यवस्थित पुनर्गठन ।
वास्तविक चिंताएं: सामाजिक, आर्थिक और पहचानगत
10,000 परिवारों को रोजगार, दुकान, व्यवसाय से दूरी बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
मस्जिदों की पहचान गिरने से धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाएँ आहत हो सकती हैं।
नक्शा तैयार किए बिना उत्पीड़न के डर से विरोधी तनाव बढ़ रहा है, जिससे सामाजिक शांति पर असर पड़ सकता है।
दुकानदारों ने हस्ताक्षर अभियान किया है और स्थानीय संगठन विरोध जारी रखे हैं ।
Varanasi Ground Report: Dalmandi
जमीन पर तैयारी और सरकारी कार्रवाई
– PWD और नगर निगम ने सर्वे और मार्किंग प्रक्रिया शुरू कर दी है; जिन इमारतों को हटाना है उनकी सूची तैयार की जा रही है ।
– मूल्यांकन टीमों का गठन हुआ है जो नोटिस, दस्तावेज़ व मुआवजे की प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं।
– मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार बारिश बंद होते ही कार्य जारी होने की तैयारी है ।
– शासन ने स्पष्ट किया है कि टाइटल प्रूफ के बिना कोई क्रियान्वयन नहीं होगा—यह मानक सरकार की अधिग्रहण नीति का हिस्सा है ।
संभावित असर – प्रभावित वर्गों की सूची
प्रभावित समूह मुख्य जोखिम और प्रभाव
दुकानदार और व्यवसायी आजीविका जोखिम, स्थानांतरण और मुआवजा प्रक्रिया में देरी
निवासीय परिवार आवास विस्थापन का डर और सामाजिक अशांति की स्थिति
धार्मिक प्रतिष्ठान ऐतिहासिक मस्जिदों की सुरक्षा पर सवाल, धार्मिक असंतोष
प्रशासन कोर्ट स्थिति, विरोध और समयबद्धता का दबाव
स्थानीय तीर्थयात्री यात्रा आराम में सुधार लेकिन heritage तक पहुँच में जटिलता
आगे का रास्ता: समाधान के विकल्प
1. वैकल्पिक सड़क मार्ग तलाशना जो मस्जिदों और दुकानों को बचाए।
2. संवेदनशील मुआवजा नीति लागू करना जिसमें relocation package, नौकरी या भूमि विकल्प शामिल हों।
3. स्थानीय समुदाय व प्रशासन में संवाद पहल शुरू करना ताकि विस्थापन के खिलाफ विरोध शांतिपूर्ण तरीके से संभाला जा सके।
4. High Court स्थिति कायम आदेश का पूर्ण अनुपालन; जिससे अनधिकृत कार्रवाई को रोका जा सके।
विकास या पहचान का संघर्ष?
यह Ground Report स्पष्ट करती है कि Varanasi Ground Report में दालमंडी रोड-वाइडनिंग योजना न केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार का मामला है, बल्कि यह संस्कृति, रोजगार और धार्मिक संतुलन का एक संवेदनशील टर्निंग पॉइंट हो सकती है।
यदि सभी पक्ष—सरकार, समुदाय और न्यायपालिका—संवाद और न्यायपूर्ण प्रक्रिया अपनाएंगे, तो यह योजना विकास की दिशा में एक सकारात्मक Catalyst बन सकती है। वहीं, अगर जल्दबाजी और संवेदनशील जगेह की अनदेखी की गई, तो यह काशी की जुबान और आत्मा पर बुलडोजर चलने जैसा प्रतीत हो सकता है।
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