भोला जयसवाल पर शिकंजा नशीली कफ सिरप तस्करी से जुटाई 30 करोड़ की संपत्ति कुर्क, कोर्ट से नोटिस जारी
Bholu Jaiswal Cough Syrup Case में बड़ी कार्रवाई, नशीली कफ सिरप तस्करी से अर्जित 30 करोड़ की संपत्ति कुर्क, कोर्ट से नोटिस जारी, कई फर्जी फर्मों का खुलासा।
सोनभद्र/मिर्जापुर उत्तर प्रदेश में नशीले कफ सिरप तस्करी के बड़े नेटवर्क पर पुलिस और प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। Bholu Jaiswal Cough Syrup Case में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी भोला प्रसाद जायसवाल की अवैध कमाई से अर्जित करीब 30 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को संपत्ति कुर्की का नोटिस जारी कर तामिला भी करा दी गई है।
30 करोड़ की अवैध संपत्ति पर कुर्की की कार्रवाई
सोनभद्र पुलिस की विस्तृत जांच में सामने आया है, कि नशीले कफ सिरप की तस्करी से भोला प्रसाद जायसवाल ने भारी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित की। इसमें महंगे आवास लग्जरी वाहन, फिक्स्ड डिपॉजिट और विभिन्न बैंकों में जमा बड़ी धनराशि शामिल है। पुलिस के अनुसार यह संपत्ति सीधे तौर पर अवैध कारोबार से जुड़ी पाई गई है।
एसपी अभिषेक वर्मा का बयान
Bholu Jaiswal Cough Syrup Case पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि जांच में यह स्पष्ट हुआ है,कि आरोपी ने कफ सिरप तस्करी के जरिये लगभग 30 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति बनाई है। इस संपत्ति को चिह्नित कर न्यायालय के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसके आधार पर कुर्की का नोटिस जारी किया गया। नोटिस की विधिवत तामिला के बाद अब संपत्तियों को कुर्क किए जाने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
नशीले कफ सिरप तस्करी का संगठित नेटवर्क
Bholu Jaiswal Cough Syrup Case केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है। जांच में सामने आया है,कि आरोपी ने कई राज्यों में फैले नेटवर्क के जरिए कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई कराई। इस नेटवर्क के तार झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से जुड़े हुए हैं।
फर्जी ड्रग लाइसेंस से खड़ा किया गया काला कारोबार
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा यह हुआ कि भोला प्रसाद जायसवाल ने फर्जी ड्रग लाइसेंस के सहारे कई फर्जी फर्में स्थापित कराईं। एसपी के मुताबिक आरोपी ने शैली ट्रेडर्स, तुपुदाना, हटिया, रांची (झारखंड) के नाम से गोदाम और ड्रग लाइसेंस हासिल किया।
Bholu Jaiswal Cough Syrup Case आरोपी ने लाइसेंसिंग अथॉरिटी, रांची को गुमराह कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ड्रग लाइसेंस प्राप्त किया और उसी के सहारे अवैध कारोबार को वैध दिखाने की कोशिश की।
यूपी और झारखंड में फैला फर्जी फर्मों का जाल
जांच में यह भी सामने आया कि इस फर्जी लाइसेंस के आधार पर झारखंड के रांची, पलामू, बोकारो और उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर और बलिया जैसे जिलों में कई फर्जी फर्में स्थापित की गईं।
Bholu Jaiswal Cough Syrup Case इन फर्मों के माध्यम से कोडीनयुक्त कफ सिरप की कागजों में वैध सप्लाई दर्शाई जाती थी, जबकि वास्तविकता में सिरप का इस्तेमाल नशे के अवैध कारोबार में किया जा रहा था।
मिर्जापुर में तस्करी से जुड़ा एक और संदिग्ध हिरासत में
मिर्जापुर में कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी मामले में पुलिस ने एक और संदिग्ध को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
अब तक इस मामले में तीन तस्करों अक्षत यादव, अजीत यादव और शिवम द्विवेदी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
ड्रग इंस्पेक्टर ने दर्ज कराया केस
Bholu Jaiswal Cough Syrup Case ड्रग इंस्पेक्टर संतोष पटेल ने फर्जी फर्म बनवाकर रांची से कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई के मामले में अदलहाट क्षेत्र के तीन और जमालपुर क्षेत्र के एक फर्म मालिक के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसके बाद अदलहाट पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तस्करों की गिरफ्तारी की।
अवैध कमाई का पूरा हिसाब खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब आरोपी की बैंकिंग ट्रांजैक्शन, निवेश, संपत्तियों और फाइनेंशियल नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है,कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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Bholu Jaiswal Cough Syrup Case में मनी ट्रेल की जांच के आधार पर अन्य सहयोगियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
नशीली दवाओं के खिलाफ सख्त रुख
पुलिस और प्रशासन ने साफ किया है, कि नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। ऐसे मामलों में न सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी होगी, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों को भी कुर्क कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।
निष्कर्ष
Bholu Jaiswal Cough Syrup Case भोला प्रसाद जायसवाल पर की गई यह कार्रवाई नशीले कफ सिरप तस्करी के खिलाफ एक बड़ा संदेश है। 30 करोड़ की संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया यह दर्शाती है,कि अवैध कारोबार से कमाई गई संपत्ति अब सुरक्षित नहीं है। पुलिस की लगातार जांच और सख्त कदमों से यह उम्मीद की जा रही है, कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक भी जल्द कानून का शिकंजा पहुंचेगा।
डिस्क्लेमर Bholu Jaiswal Cough Syrup Case यह समाचार प्रकाशित समय पर उपलब्ध आधिकारिक जानकारी, पुलिस बयान और जांच से जुड़े तथ्यों पर आधारित है। मामले की जांच अभी जारी है, और संबंधित आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। समाचार में उल्लेखित व्यक्ति को तब तक दोषी न माना जाए, जब तक कि सक्षम न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न हो जाए। किसी भी प्रकार की त्रुटि, अद्यतन या कानूनी बदलाव की स्थिति में समाचार संस्था की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
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