Ghaziabad Bribery Case एनकाउंटर में सम्मानित महिला दरोगा घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, गाजियाबाद में एंटी करप्शन की कार्रवाई से मचा हड़कंप
Ghaziabad Bribery Case में चौंकाने वाला खुलासा, एनकाउंटर के लिए सम्मानित महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह 45 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से सामने आया Ghaziabad Bribery Case पुलिस महकमे के लिए बड़ा झटका साबित हुआ है। नवरात्रि के दौरान एक बदमाश के एनकाउंटर के बाद सम्मानित की गई महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह को एंटी करप्शन टीम ने 45 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह वही अधिकारी हैं, जिनकी बहादुरी के किस्से कुछ समय पहले तक सुर्खियों में थे।
एंटी करप्शन टीम के अनुसार, महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह दहेज से जुड़े एक मामले में कार्रवाई के नाम पर रिश्वत मांग रही थीं। शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया गया और तय रकम लेते ही टीम ने उन्हें पकड़ लिया। जांच के दौरान उनके पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद हुई। Ghaziabad Bribery Case में यह गिरफ्तारी उस समय और चर्चा में आ गई, जब उन्हें पकड़े जाने के बाद दुपट्टे से अपना चेहरा ढंकते हुए देखा गया।
यह मामला साहिबाबाद थाना क्षेत्र की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी से जुड़ा हुआ है, जहां भुवनेश्वरी सिंह तैनात थीं। उन्हें पिंक बूथ की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसका उद्देश्य महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशील और पारदर्शी कार्रवाई करना था। लेकिन Ghaziabad Bribery Case ने इस जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौरतलब है कि भुवनेश्वरी सिंह इससे पहले 23 सितंबर 2025 को एक एनकाउंटर के बाद चर्चा में आई थीं। उन्होंने चार अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर एक बदमाश को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया था। बदमाश को कंधे पर लादकर ले जाती हुई उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं और उन्हें बहादुरी की मिसाल बताया गया था। उसी कार्रवाई के बाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने महिला थाना प्रभारी रितु त्यागी, दरोगा विनीता यादव, दरोगा भुवनेश्वरी सिंह, हेड कॉन्स्टेबल ममता सिंह और हेड कॉन्स्टेबल नीतू सिंह को सम्मानित किया था।
एनकाउंटर के बाद भुवनेश्वरी सिंह का तबादला महिला थाने से साहिबाबाद थाने की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में कर दिया गया था। वहां उन्हें पिंक बूथ की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन अब Ghaziabad Bribery Case ने उनके पूरे करियर पर सवालिया निशान लगा दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह पहला मौका नहीं है,जब भुवनेश्वरी सिंह पर रिश्वत लेने के आरोप लगे हों। बताया जा रहा है,कि उन्हें दूसरी बार घूस लेते हुए पकड़ा गया है। एंटी करप्शन टीम अब उनके पिछले रिकॉर्ड और संपत्ति की भी जांच कर रही है। Ghaziabad Bribery Case के इस पहलू ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। एक ओर जहां सरकार और पुलिस प्रशासन भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात करता है, वहीं Ghaziabad Bribery Case जैसे मामले सिस्टम की अंदरूनी सच्चाई को उजागर करते हैं। आम जनता के बीच यह सवाल गूंज रहा है,कि जिन पर कानून लागू कराने की जिम्मेदारी है, अगर वही कानून तोड़ने लगें तो भरोसा कैसे बचेगा।
कुल मिलाकर, Ghaziabad Bribery Case सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की बड़ी परीक्षा बन चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर है,कि आगे की जांच में क्या-क्या खुलासे होते हैं और दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है।
डिस्क्लेमर
यह समाचार लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारी, मीडिया रिपोर्ट्स और जांच एजेंसियों के इनपुट पर आधारित है। मामला जांचाधीन है। किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने का अंतिम अधिकार न्यायालय का है।
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