Journalist Murder 2 Encounter in UP पत्रकार राघवेंद्र वाजपेई हत्याकांड के दोनों शूटर पुलिस मुठभेड़ में ढेर, इंसाफ की ओर एक कदम और…

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Journalist Murder 2 Encounter in UP

पत्रकार राघवेंद्र वाजपेई हत्याकांड के दोनों शूटर पुलिस मुठभेड़ में ढेर, इंसाफ की ओर एक कदम और…

Journalist Murder 2 Encounter in UP उत्तर प्रदेश में हुए एक सनसनीखेज पत्रकार हत्याकांड ने न केवल मीडिया जगत को झकझोर कर रख दिया था, बल्कि प्रदेशभर में कानून-व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए थे। लेकिन गुरुवार की सुबह आई एक बड़ी खबर ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी। पत्रकार राघवेंद्र वाजपेई की हत्या में शामिल दोनों शूटर एक पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। इस मुठभेड़ को यूपी पुलिस और एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

पत्रकार की हत्या: एक जघन्य वारदात जिसने हिला दिया था यूपी

Journalist Murder 2 Encounter in UP करीब कुछ महीने पहले की बात है। उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख जिले में नेशनल हाईवे पर पत्रकार राघवेंद्र वाजपेई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना दिनदहाड़े उस वक्त हुई जब राघवेंद्र अपने दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकले थे। हमलावरों ने बिना किसी चेतावनी के उन पर गोलियों की बौछार कर दी और मौके से फरार हो गए।

इस नृशंस हत्या ने पत्रकारिता जगत को गहरा आघात दिया था। हर कोई बस यही सवाल कर रहा था। की क्या अब पत्रकार भी सुरक्षित नहीं हैं? प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पत्रकार संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने इस घटना की घोर निंदा करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी।

एसओजी और एसटीएफ की महीनों की मेहनत लाई रंग

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Journalist Murder Encounter in UP
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Journalist Murder 2 Encounter in UP राघवेंद्र की हत्या के बाद राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को जांच सौंप दी थी। पिछले कई महीनों से दोनों टीमें लगातार शूटरों की तलाश में जुटी थीं। तकनीकी निगरानी, मोबाइल ट्रेसिंग, लोकल इंटेलिजेंस और मुखबिर तंत्र के जरिये पुलिस शूटरों के काफी करीब पहुंच गई थी।

अंततः गुरुवार की सुबह, एसओजी और एसटीएफ की संयुक्त टीम को सही सूचना मिली कि दोनों शूटर नेशनल हाईवे के पास एक सुनसान इलाके में छिपे हुए हैं। इसके बाद तुरंत ऑपरेशन को अंजाम देने का फैसला लिया गया।

Journalist Murder 2 Encounter in UP कैसे हुआ एनकाउंटर?

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सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस टीम ने बताए गए ठिकाने को चारों तरफ से घेर लिया। पहले तो बदमाशों को सरेंडर करने के लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से चेतावनी दी गई, लेकिन उन्होंने गोलियों से जवाब देना शुरू कर दिया। मजबूर होकर पुलिस को भी जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।

Journalist Murder 2 Encounter in UP पुलिस और अपराधियों की मुठभेड़ 20 से 25 मिनट चली उसके बाद दोनों अपराधी ढेर होकर जमीन पर गिर गए तत्काल एम्बुलेंस बलाई अस्पताल ले जाते समय जाते समय दोनों ने रास्ते में दम तोड़ दिया

Journalist Murder 2 Encounter in UP कौन थे ये शूटर?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों शूटर पेशेवर अपराधी थे और पहले भी कई संगीन मामलों में संलिप्त रहे हैं। इनके ऊपर हत्या, लूट और फिरौती जैसे मामलों में एफआईआर दर्ज थी। राघवेंद्र वाजपेई की हत्या के बाद ये दोनों फरार थे और फर्जी आईडी के सहारे एक जगह से दूसरी जगह छिपते घूम रहे थे।

प्रथम दृष्टया हत्या का कारण व्यक्तिगत रंजिश या पेशेवर दुश्मनी माना जा रहा है, लेकिन पुलिस जांच के बाद ही सही कारण पूरा स्पष्ट होगा।

एसपी अंकुर अग्रवाल मौके पर पहुंचे

एनकाउंटर की सूचना मिलते ही जिले के एसपी अंकुर अग्रवाल स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे ऑपरेशन की जानकारी ली। उन्होंने प्रेस से बात करते हुए कहा:

Journalist Murder 2 Encounter in UP यह मुठभेड़ हमारे पुलिस बल की सतर्कता और टीमवर्क का परिणाम है। पत्रकार राघवेंद्र की हत्या में शामिल शूटरों को कानून ने उनके अंजाम तक पहुंचा दिया है। अब इस केस में न्याय की प्रक्रिया और तेज़ होगी।

परिवार को मिला कुछ सुकून, लेकिन घाव अभी भी ताज़ा हैं ।पत्रकार  राघवेंद्र वाजपेई के परिवार ने इस कार्रवाई पर राहत की सांस ली है, लेकिन उनका दर्द अब भी ताज़ा है। उनके भाई ने मीडिया से बात करते हुए कहा:

“हमें खुशी है कि जिन लोगों ने हमारे भाई की जान ली, उन्हें अब खुदा के सामने जवाब देना होगा। लेकिन हम चाहते हैं, कि इन लोगों के पीछे जो भी मास्टरमाइंड है, उसे भी सज़ा मिले।”

Journalist Murder 2 Encounter in UP पत्रकार संगठनों ने की तारीफ

उत्तर प्रदेश के विभिन्न पत्रकार संगठनों ने पुलिस की इस कार्रवाई की खुले तौर पर सराहना की है। पत्रकार संगठन ने बयान जारी कर कहा कि यह मुठभेड़ सिर्फ दो शूटरों के खात्मे की खबर नहीं है, बल्कि यह पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक सशक्त संदेश है।

सवाल अभी बाकी हैं…

हालांकि पुलिस ने दोनों शूटरों को ढेर कर इस केस को एक बड़ी सफलता दी है, लेकिन अभी कई सवालों के जवाब बाकी हैं:

हत्या की असली साजिशकर्ता कौन है?

क्या पत्रकार ने किसी घोटाले या गुप्त जानकारी का पर्दाफाश करने की तैयारी की थी?

क्या हत्या में किसी राजनीतिक या माफिया लिंक की भूमिका थी?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और जल्द ही साजिशकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

न्याय की सही शुरुआत, लेकिन अभी लड़ाई बाकी है

Journalist Murder 2 Encounter in UP  पत्रकार राघवेंद्र वाजपेई की हत्या ने समाज के उस कड़वे सच को सामने लाया था, जहां सच बोलने की कीमत जान से चुकानी पड़ती है। लेकिन गुरुवार की सुबह का एनकाउंटर यह बताता है, कि सिस्टम अब चुप नहीं बैठेगा। अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा, चाहे वे कितने भी ताकतवर क्यों न हों।

यह मुठभेड़ उन सभी पत्रकारों के लिए एक उम्मीद है, जो बेबाक और निडर होकर सच्चाई सामने लाने की जंग लड़ते हैं। आज राघवेंद्र हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज़ अब भी गूंज रही है। और यही आवाज़ इंसाफ के रास्ते की सबसे बड़ी ताकत है।

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