NHIDCL Officer Arrested कुबेर निकला NHIDCL का बाबू CBI को मिले 2.62 करोड़ कैश 9 फ्लैट लग्जरी कारें और राडो की घड़ियां
NHIDCL Officer Arrested CBI ने NHIDCL अधिकारी माईनाम रीतेन कुमार सिंह के घर से ₹2.62 करोड़ नकद, 9 फ्लैट, 6 लग्जरी कारें और महंगी राडो घड़ियां बरामद कीं। अफसर ₹10 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
NHIDCL Officer Arrested इंसानी भाषा में शुरुआत: जब बाबू निकला अरबों का मालिक
कहते हैं,सरकारी नौकरी सम्मान देती है, लेकिन कुछ लोग उसे “संपत्ति का साधन” बना लेते हैं।
NHIDCL Officer Arrested गुवाहाटी में नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के एक अफसर के घर से ऐसा खजाना मिला कि CBI अधिकारी भी हैरान रह गए।
सिर्फ ₹10 लाख की रिश्वत के मामले ने जब दरवाज़ा खोला, तो भीतर से निकले ₹2.62 करोड़ कैश, 9 लग्जरी फ्लैट, 6 कारें और महंगी राडो घड़ियां।
NHIDCL Officer Arrested मुख्य आरोपी हैं,माईनाम रीतेन कुमार सिंह, NHIDCL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और रीजनल ऑफिसर। उनके साथ व्यापारी बिनोद जैन को भी CBI ने रंगे हाथों पकड़ा।
अब जांच एजेंसी के निशाने पर सिर्फ रिश्वत नहीं, बल्कि पूरा भ्रष्टाचार का नेटवर्क (Corruption Network) है।
रिश्वत के ₹10 लाख से खुला करोड़ों का जाल
CBI को पहले सूचना मिली थी कि NHIDCL का यह अधिकारी सड़क निर्माण परियोजना में निजी कंपनी से रिश्वत मांग रहा है।
14 अक्टूबर 2025 को CBI ने गुवाहाटी में ट्रैप ऑपरेशन चलाया और माईनाम रीतेन कुमार सिंह को ₹10 लाख लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
NHIDCL Officer Arrested यह रिश्वत नेशनल हाईवे-37 (Demow–Moran Bypass) प्रोजेक्ट की समयसीमा बढ़ाने और कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने के बदले ली जा रही थी।
CBI ने उसी दिन अफसर और कारोबारी बिनोद जैन को अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को तीन दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया।
छापेमारी में निकला खजाना 9 फ्लैट, लग्जरी कारें और नकदी के ढेर
गुवाहाटी, गाजियाबाद और इम्फाल में CBI की छापेमारी ने सबको चौंका दिया।
अफसर के घर से ₹2.62 करोड़ नकद, 6 लग्जरी गाड़ियां, 2 राडो घड़ियां, और 100 ग्राम का सिल्वर बार मिला।
दस्तावेजों के अनुसार:
दिल्ली-NCR में 9 लग्जरी फ्लैट, एक ऑफिस स्पेस और 3 रेजिडेंशियल प्लॉट,
बेंगलुरु में एक फ्लैट और एक प्लॉट,
गुवाहाटी में 4 फ्लैट और 2 प्लॉट,
और इम्फाल वेस्ट में दो होमस्टेड प्लॉट व कृषि भूमि के कागजात भी जब्त हुए।
CBI सूत्रों के मुताबिक, इन संपत्तियों का असली मूल्य दस्तावेज़ों में दर्ज रकम से कई गुना ज्यादा है।
यानी जो दिखाया गया है, वह सिर्फ “आइसबर्ग का सिरा” है, असली खेल कहीं गहराई में है।
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कैसे चला रिश्वत का खेल
CBI की शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी अफसर प्रोजेक्ट कंपनियों से समय सीमा बढ़ाने या फाइल पास कराने के नाम पर रिश्वत लेता था।
NHIDCL Officer Arrested कंपनियों को डर था कि फाइल अटकने पर प्रोजेक्ट पर जुर्माना लग सकता है, इसलिए वे मजबूरी में पैसे देते थे।
NHIDCL जैसे विभागों में ये “नरम रिश्वत” अक्सर बड़ी साजिश का हिस्सा (Systemic Corruption) होती है।
एक अफसर की गिरफ्तारी ने उस पूरी चेन को उजागर किया है, जिसमें सरकारी मंजूरी को “कीमत” के साथ बेचा जा रहा था।
CBI का सख्त रुख “सिर्फ रिश्वत नहीं, नेटवर्क का पर्दाफाश”
CBI सूत्रों ने बताया कि यह सिर्फ रिश्वत का मामला नहीं बल्कि भ्रष्टाचार का जाल है, जो कई शहरों में फैला हुआ है।
कई संपत्तियाँ रिश्तेदारों और परिजनों के नाम पर खरीदी गई हैं, ताकि काला धन सफेद दिखे।
CBI अब सभी बैंक खातों, निवेशों और शेल कंपनियों (Shell Companies) की जांच कर रही है।
एजेंसी को उम्मीद है,कि जांच में कई और नाम सामने आएंगे जिनमें अफसरों से लेकर ठेकेदार तक शामिल हो सकते हैं।
जनता की प्रतिक्रिया: “एक बाबू के घर से इतना तो सिस्टम में कितना
NHIDCL Officer Arrested इस खबर ने सोशल मीडिया पर बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है।
लोग सवाल कर रहे हैं, कि अगर एक अधिकारी के घर से इतना निकल सकता है, तो बाकी सिस्टम में कितनी “अनदेखी संपत्ति” दबी है?
कई यूजर्स ने लिखा “CBI को अब सिर्फ एक अफसर नहीं, पूरे NHIDCL नेटवर्क की जांच करनी चाहिए।”
यह घटना देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदमों की जरूरत को फिर से उजागर करती है।
जब सरकारी कुर्सी “कमाई का ज़रिया” बन जाए
माईनाम रीतेन कुमार सिंह का मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि सिस्टम की गहराई में बैठे भ्रष्टाचार की तस्वीर है।
जहाँ एक ओर सरकार “पारदर्शी शासन” की बात करती है, वहीं ऐसे अफसर जनता के भरोसे को कमजोर करते हैं।
CBI की कार्रवाई से उम्मीद जगी है,कि अब “घूस के महलों” का हिसाब जरूर होगा।
अगर ऐसे मामलों में सज़ा और संपत्ति जब्ती सख्ती से होती रही, तो शायद “बाबू से कुबेर” बनने की परंपरा टूट सके।
अस्वीकरण
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध CBI रिपोर्ट्स और समाचार स्रोतों पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। किसी भी कानूनी प्रक्रिया या निर्णय से पहले आधिकारिक दस्तावेजों को अवश्य देखें।