Rainbow Hospital Gorakhpur Fraud Case: मेडिकल ऑपरेटर ने ₹21 लाख गबन कर फरारी काटी, डॉक्टर ने दर्ज कराई FIR, पुलिस जांच में जुटी।
गोरखपुर से आई यह खबर किसी झटके से कम नहीं।
शहर के नामी रेनबो हॉस्पिटल (Rainbow Hospital Gorakhpur) में काम करने वाला एक कर्मचारी, अस्पताल प्रबंधन के भरोसे को तोड़कर ₹21 लाख से अधिक की रकम लेकर फरार हो गया। यह घटना सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि उस भरोसे की कहानी है जिसे मरीज और डॉक्टर के बीच सबसे पवित्र रिश्ता कहा जाता है।
Rainbow Hospital Gorakhpur Fraud Case भरोसे की जगह बेईमानी रेनबो हॉस्पिटल में हुआ बड़ा घोटाला
गोरखपुर के कुड़ाघाट इलाके के रहने वाले संदीप कुमार गुप्ता रेनबो हॉस्पिटल में मेडिकल कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे।
अस्पताल संचालक डॉ. संतोष कुमार सिंह के अनुसार, मार्च 2025 में हॉस्पिटल ने नया डिजिटल सिस्टम शुरू किया। अप्रैल में जब वित्तीय लेनदेन की जांच की गई, तो सामने आया कि संदीप ने बिलिंग और कैश ट्रांजैक्शन में हेराफेरी कर ₹21,17,008 की रकम अपने पास रख ली।
Rainbow Hospital Gorakhpur Fraud Case के अनुसार, जांच में यह भी पता चला कि उसने बिलिंग सॉफ्टवेयर के डेटा से छेड़छाड़ कर असली रकम को रिकॉर्ड से गायब कर दिया था।
पहले तो उसने अपनी गलती स्वीकार की, लेकिन बाद में नौकरी छोड़कर फरार हो गया।
डॉक्टर ने किया मुकदमा दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
Rainbow Hospital Gorakhpur Fraud Case घटना के सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने Uttar Pradesh Police को तहरीर दी। पहले जब पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया, तो डॉक्टर ने कोर्ट का रुख किया। न्यायालय के आदेश पर अब FIR दर्ज कर ली गई है और आरोपी की तलाश जारी है। इस Employee Fraud ने पूरे मेडिकल समुदाय को चौंका दिया है।
डॉ. संतोष कुमार सिंह का कहना है “हमने उस पर भरोसा किया था। वह मरीजों की बिलिंग संभालता था, लेकिन उसने सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया।” फिलहाल पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने के लिए साइबर सेल की मदद मांगी है।
सिस्टम की लापरवाही या अंदरूनी साजिश? उठे कई सवाल
इस Hospital Scam ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या हॉस्पिटल में फाइनेंशियल सिस्टम इतना कमजोर था कि एक कर्मचारी ₹21 लाख गायब कर दे और किसी को पता न चले?
या फिर इस मामले में और भी लोग शामिल हैं? डॉक्टर ने खुद कहा है,कि संदीप के साथ कुछ अन्य लोग भी संदेह के घेरे में हैं।
विशेषज्ञों का मानना है, कि हर अस्पताल को अपने बिलिंग और अकाउंटिंग सिस्टम को नियमित रूप से ऑडिट करवाना चाहिए।
वरना इस तरह के धोखाधड़ी के मामले भविष्य में और बढ़ सकते हैं।
Rainbow Hospital Gorakhpur Fraud Case अब इस बात की चेतावनी है, कि भरोसे के साथ पारदर्शिता भी ज़रूरी है।
साइबर सेल की निगरानी में जांच, फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी संदीप कुमार गुप्ता अबतक फरार है। उसके मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया जा रहा है,Uttar Pradesh Police Action के तहत, कई ठिकानों पर छापेमारी भी की जा चुकी है। हॉस्पिटल के अकाउंट विभाग से जुड़े सभी रिकॉर्ड जब्त कर लिए गए हैं।
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यह घटना यह भी दर्शाती है,कि डिजिटल सिस्टम में पारदर्शिता लाने के साथ साथ “मानव निगरानी” भी उतनी ही जरूरी है।
डिजिटल सुविधा के साथ अगर जिम्मेदारी न हो, तो टेक्नोलॉजी भी अपराध का जरिया बन सकती है।
जनता में आक्रोश: “डॉक्टर भरोसा दें, कर्मचारी ईमानदारी निभाएं”
इस गोरखपुर रेनबो हॉस्पिटल घोटाला ने शहर में चर्चा छेड़ दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है, कि जहां लोग इलाज के भरोसे जाते हैं, वहां इस तरह की घटना शर्मनाक है। कई मरीजों के परिजन सोशल मीडिया पर अस्पताल से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
Rainbow Hospital Gorakhpur Fraud Case अब सिर्फ एक धोखाधड़ी नहीं, बल्कि यह एक चेतावनी है,कि हेल्थ सेक्टर में ईमानदारी की निगरानी कितनी ज़रूरी है।
डिस्क्लेमर यह लेख विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स, स्थानीय सूत्रों और पुलिस जानकारी पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल तथ्यों को तटस्थ और मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना है। यह किसी संस्था या व्यक्ति के प्रति आरोप या निर्णय का दस्तावेज़ नहीं है।पुलिस जांच के नतीजे आने के बाद अंतिम सत्य सामने आएगा।