पैसे दो, लाइसेंस लो: क्या Ayodhya Food Safety Department जनता को जहर परोस रहा है

Written by: akhtar husain

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Ayodhya Food Safety Department पर आरोप है कि अधिकारी पैसे लेकर फूड लाइसेंस दे रहे हैं। क्या जनता की थाली में सुरक्षित खाना नहीं, ज़हर परोसा जा रहा है?

कभी सोचा है,कि आपकी थाली में परोसा गया खाना सेहत देगा या जहर? अगर खबरों पर यकीन करें, तो Ayodhya Food Safety Department के कुछ कर्मचारी पैसों के बदले फूड क्वालिटी सर्टिफिकेट दे रहे हैं। यानी “पैसे दो, लाइसेंस लो” का धंधा खुलेआम चल रहा है। अगर यही हाल रहा, तो आने वाले समय में यह भ्रष्टाचार लोगों की जान तक ले सकता है। फूड क्वालिटी जांच का मकसद जनता की सुरक्षा है, लेकिन अब यह महज़ कमाई का जरिया बनता दिख रहा है।

Ayodhya Food Safety Department पर उठे गंभीर आरोप

खबरों के मुताबिक, Ayodhya Food Safety Department के कुछ अधिकारी रिश्वत लेकर रेस्टोरेंट्स, मिठाई दुकानों और पैक्ड फूड कंपनियों को “फूड लाइसेंस” दे रहे हैं। बिना टेस्टिंग के दिए जा रहे ये सर्टिफिकेट जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ हैं। कई दुकानों में बासी या मिलावटी सामान खुलेआम बिक रहा है, और विभाग चुप है।
लोगों का कहना है,कि अब सिस्टम पर भरोसा कम हो गया है, क्योंकि जांच करने वाले ही अब गड़बड़ी में शामिल हैं।

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क्या मिलावटी खाना अब ‘नॉर्मल’ बन चुका है?

जब Ayodhya Food Safety Department जैसे जिम्मेदार विभाग पर ही सवाल उठने लगें, तो जनता का विश्वास टूटना स्वाभाविक है। आज हर मोहल्ले में बासी मिठाइयाँ, नकली दूध, पुराने तेल में बना खाना आसानी से मिल जाता है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती, क्योंकि फूड लाइसेंस पैसों से खरीदा जा सकता है। ऐसे में सवाल उठता है, अगर क्वालिटी की गारंटी देने वाले ही भ्रष्ट हो जाएं, तो जनता अपनी सुरक्षा किससे मांगे?

Ayodhya Food Safety Department और जनता की उम्मीदें

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जनता चाहती है कि Ayodhya Food Safety Department अपनी जिम्मेदारी निभाए और भ्रष्ट कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करे।
सरकार को चाहिए कि ऐसे अफसरों को तुरंत निलंबित कर जांच कराई जाए। जनता को यह भरोसा होना चाहिए कि उनका खाना सुरक्षित है, और लाइसेंस असली क्वालिटी जांच के बाद ही दिया गया है।
जब तक ईमानदार अधिकारी व्यवस्था में नहीं आएंगे, तब तक लोगों का भरोसा लौटना मुश्किल है।

समाधान क्या है, सख्त निगरानी और जनता की जागरूकता

Ayodhya Food Safety Department को चाहिए कि हर सर्टिफिकेट की डिजिटल वेरिफिकेशन प्रणाली लागू करे। जनता को भी फूड प्रोडक्ट खरीदते वक्त FSSAI नंबर और उसकी वैधता जांचनी चाहिए। अगर किसी दुकान में बिना लाइसेंस उत्पाद बिक रहे हों, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। मीडिया और प्रशासन को मिलकर ऐसी घटनाओं को उजागर करना चाहिए ताकि मिलावटखोरों और भ्रष्ट कर्मचारियों का सफाया हो सके।

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Ayodhya Food Safety Department पर भरोसा कब लौटेगा?

भरोसा तभी लौटेगा जब Ayodhya Food Safety department अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी याद करेगा  “जनता की सेहत सबसे पहले।”इस विभाग को यह समझना होगा कि हर झूठा सर्टिफिकेट किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। फूड सेफ्टी कोई फॉर्मैलिटी नहीं, बल्कि लोगों की जान से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए अब वक्त है, कि सिस्टम खुद को साफ करे और ईमानदारी से काम करे।

Disclaimer यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक सूचनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को बदनाम करना नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक जानकारी अवश्य जांचें।

 

akhtar husain

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