Bhojpuri Literature Book Discussion Gorakhpur: “सुनs भाई साधो” पर धमाकेदार परिचर्चा

Written by: akhtar husain

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Bhojpuri Literature Book Discussion Gorakhpur: “सुनs भाई साधो” पर धमाकेदार परिचर्चा

प्रस्तावना: साहित्य का अनूठा अनुभव

Bhojpuri Literature Book गोरखपुर के साहित्य प्रेमियों के लिए एक विशेष और यादगार शाम का आयोजन हुआ, जिसने भोजपुरी साहित्य जगत में तहलका मचा दिया। Discount Group of Publication Gorakhpur के सौजन्य से बक्सीपुर स्थित प्रतिष्ठान में भोजपुरी-भाषा-साहित्यकार डा. फूलचन्द प्रसाद गुप्त की नई Bhojpuri Short Story Collection, सुनs भाई साधो, पर एक शानदार परिचर्चा आयोजित की गई।

कार्यक्रम में शहर और साहित्य जगत के प्रतिष्ठित विद्वान उपस्थित थे, जिन्होंने इस संग्रह की महत्वपूर्णता और साहित्यिक योगदान पर विस्तृत चर्चा की।

कार्यक्रम का शुभारम्भ: मां सरस्वती के चरणों में पुष्प अर्पण

Bhojpuri Literature Book

परिचर्चा की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पण से हुई। इस अवसर पर सम्मान और स्वागत का कार्य प्रतिष्ठान के व्यवस्थापक श्री प्रकाश सिंह अनिल ने किया। उन्होंने कहां कि गोरखपुर में पहली बार Discount Group of Publication द्वारा इस प्रकार की पुस्तक परिचर्चा का आयोजन किया गया है, जो साहित्यिक समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

भोजपुरी साहित्य में व्यंग्य की नई ऊँचाई

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डा. वेदप्रकाश पाण्डेय, संपादक शहरनामा, गोरखपुर, ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संग्रह भोजपुरी भाषा में व्यंग्य विधा की पहली रचना है।

जैसे मधुमक्खी अनगिनत फूलों का रस लेकर शहद बनाती है, वैसे ही डा. गुप्त ने लोक की कथाओं को संग्रहित कर अमृत के रूप में पाठकों को अर्पित किया है।”

उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि साहित्यकारों का यह कार्य न केवल रचनात्मक है, बल्कि सामाजिक संदेश देने वाला भी है।

प्रो. शिवशंकर वर्मा का दृष्टिकोण: छोटी कहानियों का बड़ा प्रभाव

Bhojpuri Literature Book कुलसचिव और भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. शिवशंकर वर्मा ने संग्रह की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज पाठकों के पास लंबी कहानियों को पढ़ने का समय नहीं है। ऐसे में छोटी-छोटी व्यंग्यपूर्ण कथाएं अपने संदेश से पाठकों का मार्गदर्शन करती हैं।

कथाएं हँसी और शिक्षा का मिश्रण प्रस्तुत करती हैं।

विसंगतियों के प्रति पाठकों की सजगता बढ़ाती हैं।

समाज में व्याप्त रूढिवादिता और पाखंड को उजागर करती हैं।

Positive Sentiment: साहित्य से सामाजिक जागरूकता

Negative Sentiment: समाज में व्याप्त विसंगतियाँ और पाखंड

प्रो. रामदरश राय का मूल्यांकन: भोजपुरी साहित्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि

दी विभाग के पूर्व आचार्य प्रो. रामदरश राय ने कहा कि यह संग्रह भोजपुरी गद्य लेखन में नवीन विधा का प्रतिनिधित्व करता है।

परिवार और समाज में वर्षों से प्रचलित कथाओं को संरक्षित किया गया है।

छोटी घटनाओं के माध्यम से बड़े संदेश पाठकों तक पहुँचाए गए हैं।

साहित्य में सृजनात्मकता और सामाजिक चेतना का अनुपम उदाहरण है।

प्रो. अजय कुमार शुक्ल का दृष्टिकोण: जीवन का आईना

अंग्रेजी विभाग के आचार्य प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने संग्रह को वास्तविक जीवन का आईना बताते हुए कहा:

Bhojpuri Literature Book व्यंग्य विधा का यह संग्रह पाठकों को न केवल हँसाता है, बल्कि सामाजिक विसंगतियों और रूढिवादिता के प्रति सचेत भी करता है। यह साहित्यिक अध्ययन से मानसिक संतुलन भी प्राप्त होता है।”

लेखक ने छोटी-छोटी कथाओं में बड़ा संदेश समाहित किया।

पाठकों को वास्तविक जीवन के संघर्ष और हास्य से परिचित कराया।

परिचर्चा में अन्य विद्वानों की भागीदारी

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परिचर्चा में प्रसून कुमार मल्ल, चन्देश्वर शर्मा परवाना, अखिलेश चन्द सहित अन्य साहित्यकारों ने भी अपने विचार रखे।

लेखक डा. फूलचन्द प्रसाद गुप्त ने स्वयं परिचर्चा का संचालन किया।

प्रकाशक सौरभ सिंह ने आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया।

शहर के अनेक साहित्यकार जैसे डा. चारुशीला सिंह, कुमार अभिनीत, पुष्पेन्दु कसौधन उपस्थित रहे।

Positive Sentiment: साहित्यिक समुदाय की सक्रिय भागीदारी

Negative Sentiment: सीमित संसाधनों के बावजूद कार्यक्रम की तैयारी

Bhojpuri Literature Book Discussion Gorakhpur साहित्य और समाज: व्यंग्य की शक्ति

यह संग्रह साहित्य और समाज के बीच सेतु बनाता है।

लोक कथाओं और समाज जीवन की सटीक झलक प्रस्तुत करता है।

विसंगतियों, रूढ़ियों और पाखंडों को उजागर करता है।

पाठक न केवल मनोरंजन महसूस करते हैं, बल्कि सामाजिक जागरूकता भी प्राप्त करते हैं।

निष्कर्ष: भोजपुरी साहित्य में नया अध्याय

सुनs भाई साधो परिचर्चा ने साबित किया कि भोजपुरी साहित्य में व्यंग्य की नई ऊँचाई स्थापित की जा सकती है।

यह संग्रह सामाजिक और साहित्यिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पाठकों को हास्य और संदेश दोनों का अनुभव मिलता है।

डा. फूलचन्द प्रसाद गुप्त और Discount Group of Publication Gorakhpur की पहल इस क्षेत्र में अनूठी और प्रेरणादायक है।

Positive Sentiment: साहित्यिक उपलब्धि और सामाजिक जागरूकता

Negative Sentiment: समाज में व्याप्त विसंगतियाँ, पाखंड

FAQs

 पुस्तक ‘सुनs भाई साधो’ किस विषय पर आधारित है?

यह भोजपुरी लघुकथा-संग्रह है जिसमें व्यंग्य और सामाजिक संदेशों का संगम है।

 परिचर्चा कहाँ आयोजित हुई?

बक्सीपुर, गोरखपुर में Discount Group of Publication के प्रतिष्ठान में।

मुख्य अतिथि कौन थे?

डा. वेदप्रकाश पाण्डेय, प्रो. शिवशंकर वर्मा, प्रो. रामदरश राय, प्रो. अजय कुमार शुक्ल।

पुस्तक की विशेषता क्या है?

छोटी-छोटी व्यंग्यपूर्ण कथाएं समाज में व्याप्त विसंगतियों और रूढियों को उजागर करती हैं।

 इस परिचर्चा का उद्देश्य क्या था?

पाठकों को पुस्तक की विषयवस्तु से परिचित कराना और साहित्यिक जागरूकता बढ़ाना।

akhtar husain

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