Fake Paneer in UP यूपी में बिक रहा “ज़हर वाला पनीर”: यूरिया, डिटर्जेंट और टिनोपाल से बन रही नकली सफ़ेद चमकदार मिठास
Fake Paneer in UP उत्तर प्रदेश में मिल रहा है यूरिया, डिटर्जेंट और टिनोपाल से बना नकली पनीर। दिवाली पर मिठाइयों में ज़हर की मिलावट से सावधान रहें, जानिए कैसे पहचानें असली और नकली पनीर।
दिवाली की मिठास में ज़हर सावधान रहें, कहीं आपकी थाली में नकली पनीर तो नहीं
दिवाली का त्योहार आते ही मिठाइयों की ख़ुशबू हर गली में फैल जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है, कि जिस पनीर से बनी मिठाई आप अपने परिवार को खिला रहे हैं, वह ज़हर भी हो सकता है? उत्तर प्रदेश में नकली पनीर (Fake Paneer in UP) का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है, जिसमें यूरिया, डिटर्जेंट और टिनोपाल जैसी जहरीली चीज़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह पनीर न केवल स्वाद बल्कि सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।
Fake Paneer in UP टिनोपाल से चमकाया जा रहा “ज़हरीला पनीर”
प्रदेश में चल रही जांचों में खुलासा हुआ है, कि नकली पनीर को और आकर्षक बनाने के लिए उसमें टिनोपाल और आला जैसे रासायनिक पदार्थ मिलाए जा रहे हैं। ये वही रसायन हैं जो कपड़ों को चमकाने और सफेद दिखाने के लिए डिटर्जेंट में डाले जाते हैं। अब सोचिए, जो केमिकल कपड़ों के लिए बनाए गए हैं, वह जब आपके शरीर में जाएंगे तो क्या असर करेंगे?
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Fake Paneer in UP के इस कारोबार में अब राजस्थान से आए कारीगरों का भी हाथ बताया जा रहा है। यही लोग यूरिया, पाम ऑयल और खड़िया मिट्टी मिलाकर नकली पनीर बनाने की तकनीक सिखा रहे हैं।
चमक के पीछे छिपा ज़हर: डॉक्टरों की चेतावनी
केजीएमयू के गैस्ट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डा. सुमित रूंगटा के अनुसार, “यह नकली पनीर शरीर के लिए धीमा ज़हर है। इसमें मौजूद यूरिया, डिटर्जेंट, टिनोपाल और आला सीधे आंतों और खून में घुलकर लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं।”
वे बताते हैं,कि शुरुआत में पेट दर्द, अपच, उल्टी, दस्त जैसे हल्के लक्षण दिखते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह शरीर को भीतर से नष्ट कर देता है। लंबे समय तक सेवन करने पर कैंसर, किडनी फेलियर और हृदय रोग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
प्रदेश में मचा हड़कंप एफएसडीए की बड़ी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने पूरे उत्तर प्रदेश में एक विशेष अभियान चलाया है। 8 से 17 अक्टूबर के बीच की गई जांच में करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की नकली पनीर, खोवा और मिठाइयाँ नष्ट की गईं।
संयुक्त आयुक्त (खाद्य) हरिशंकर सिंह ने बताया कि बाहर से आने वाले नकली पनीर बनाने वाले कारीगरों को पकड़ना सबसे मुश्किल काम है, क्योंकि वे रातों-रात किसी जिले में पनीर बनाकर सुबह मंडी में बेच देते हैं और फिर गायब हो जाते हैं।
राजस्थान की सीमाओं से लगे जिलों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस की मदद से अब ऐसे गिरोहों को ट्रैक करने की कोशिश तेज़ कर दी गई है।
कैसे पहचानें असली और नकली पनीर?
Fake Paneer in UP त्योहारों पर बाजार का पनीर खरीदने से पहले इन आसान तरीकों से जांच करें कि वह असली है या नकली:
1. गंध और बनावट: असली पनीर दूधिया महक वाला और मुलायम होता है, जबकि नकली पनीर में केमिकल की गंध आती है और वह रबड़ जैसा सख्त होता है।
2. पानी में टेस्ट: असली पनीर पानी में तैरता है, नकली पनीर डूब जाता है।
3. गर्म पानी टेस्ट: गर्म पानी में डालने पर नकली पनीर टूटकर घुलने लगता है।
4. आयोडीन टेस्ट: असली पनीर पर आयोडीन टिंचर डालने पर कोई रंग नहीं बदलता, जबकि नकली पनीर नीला या काला हो जाता है।
5. स्पर्श अनुभव: नकली पनीर को रगड़ने पर वह रबर जैसा महसूस होता है और चिपचिपा दिखता है।
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एफएसडीए ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
खाद्य पदार्थों में मिलावट की सूचना देने के लिए एफएसडीए ने वाट्सएप नंबर 9793429747 जारी किया है।
सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। Fake Paneer in UP को लेकर सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि पकड़े जाने पर दोषियों पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Fake Paneer in UP आयुक्त डा. रोशन जैकब ने कहा, “हम नकली पनीर और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। लोगों से अपील है कि मिलावटखोरों की जानकारी तुरंत विभाग को दें।”
सेहत से खिलवाड़ नहीं, जागरूक बनें
त्योहारों के मौसम में मिठाइयों का स्वाद जितना मीठा होता है, नकली पनीर का खतरा उतना ही कड़वा साबित हो सकता है। इसलिए अगर आप परिवार की सेहत से सच में प्यार करते हैं, तो Fake Paneer in UP से सावधान रहें, भरोसेमंद डेयरी या ब्रांडेड दुकान से ही पनीर खरीदें।
डिस्क्लेमर:
Fake Paneer in UP यह लेख जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसका मकसद किसी व्यक्ति, संस्था या राज्य की छवि को ठेस पहुँचाना नहीं है। पाठकों से अपील है कि किसी भी खाद्य पदार्थ को खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता की पुष्टि अवश्य करें।