Food department raid before Raksha Bandhan फूड विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी: रक्षाबंधन से पहले लिए गए 6 नमूने, उपभोक्ता हित में बड़ी कार्यवाही

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Food department raid before Raksha Bandhan फूड विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी: रक्षाबंधन से पहले लिए गए 6 नमूने, उपभोक्ता हित में बड़ी कार्यवाही

Food department raid before Raksha Bandhan रक्षाबंधन का पर्व नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों और खानपान की चीजों की मांग बढ़ जाती है। भाई-बहन के इस पवित्र त्योहार में हर घर मिठास से भर जाता है, लेकिन इसी मिठास के पीछे कहीं न कहीं मिलावटखोरी की कड़वाहट भी छिपी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए फूड विभाग ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर 6 नमूने लिए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।

Food department raid before Raksha Bandhan  रक्षाबंधन के मद्देनज़र फूड विभाग सतर्क

Food department raid
सोर्स बाय गूगल इमेज

जैसे-जैसे रक्षाबंधन नजदीक आता है, बाजारों में मिठाइयों, नमकीन, ड्राय फ्रूट्स और मिल्क प्रोडक्ट्स की बिक्री अचानक तेज हो जाती है। यह वही समय होता है जब कुछ दुकानदार लाभ के लोभ में मिलावटी सामग्री बेचने लगते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FSSAI) की टीम ने एक विशेष अभियान शुरू किया है।

Food department raid before Raksha Bandhan कार्रवाई की शुरुआत सुबह 9 बजे से की गई, जब विभाग की टीम शहर के प्रमुख मिठाई दुकानों, डेयरी आउटलेट्स, और नमकीन विक्रेताओं पर पहुंची। इस दौरान छापेमारी करते हुए 6 जगहों से नमूने लिए गए — जिनमें मावा, गुलाब जामुन, खोया बर्फी, बेसन लड्डू, दही, और पनीर शामिल हैं।

कैसे की गई कार्रवाई?

छापेमारी पूरी तरह गुप्त तरीके से की गई ताकि दुकानदारों को पहले से भनक न लगे। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, प्रयोगशाला सहायक, और एक वीडियोग्राफर शामिल थे ताकि हर कार्रवाई का रिकॉर्ड रखा जा सके। नमूने लेने के बाद उन्हें राजकीय खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है जहाँ रिपोर्ट आने में 7 से 10 दिन लग सकते हैं।

  Food department raid before Raksha Bandhan मुख्य स्थान जहां छापेमारी हुई:

अम्बेडकर चौक की प्रसिद्ध हलवाई दुकान

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स्टेशन रोड का दूध डेयरी हब

सुभाष नगर की मिठाई बाजार

शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक प्राइवेट नमकीन फैक्ट्री

दो प्रमुख शॉपिंग मॉल्स में स्थित फूड काउंटर

मिलावट की संभावना से खतरा

रक्षाबंधन जैसा त्योहार, जहां रिश्तों की मिठास अहम होती है, वहां अगर मिठाइयों में मिलावट पाई जाती है तो यह न केवल उपभोक्ता के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि त्योहार की आत्मा को भी आहत करता है। खाद्य विश्लेषकों के अनुसार, इन दिनों सिंथेटिक मावा, स्टार्च मिलाया गया दूध, सस्ते एसेंस और रंग का खूब इस्तेमाल होता है।

अगर नमूनों में मिलावट पाई जाती है तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माने के साथ लाइसेंस रद्द करना और जेल तक की सजा का प्रावधान है।

  Food department raid before Raksha Bandhan विभाग की सक्रियता सराहनीय

यह भी सराहनीय है कि फूड विभाग इस बार केवल खानापूर्ति नहीं कर रहा, बल्कि सक्रियता के साथ ग्राउंड पर उतरकर कार्रवाई कर रहा है। इसका एक अहम संकेत यह है कि छापेमारी में हर सैंपल का वीडियो रिकॉर्ड भी तैयार किया जा रहा है, जिससे जांच में पारदर्शिता बनी रहे।

इस तरह की कार्रवाई से उन ईमानदार व्यवसायियों को भी बल मिलता है जो बिना मिलावट के गुणवत्ता बनाए रखते हैं। ग्राहक अब ऐसे प्रतिष्ठानों की ओर रुख करेंगे जिन पर उन्हें भरोसा हो सके।

स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया

स्थानीय नागरिकों ने विभाग की इस कार्रवाई की तारीफ की है। गौरव सिंह, एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा:

“हर साल त्योहारों में मिलावटी मिठाइयों की खबरें आती हैं। लेकिन इस बार विभाग की तत्परता देख कर विश्वास होता है, कि प्रशासन जागरूक हो रहा है।”

वहीं रीना गुप्ता, एक गृहिणी ने कहा:

“हम बच्चों को मिठाई खिलाते हैं, पर हमेशा डर लगा रहता है कि कहीं कोई नुकसान न हो। ऐसे में यह छापेमारी जरूरी थी।”

क्या होना चाहिए आगे का कदम?

1. हर त्योहार से पहले नियमित अभियान चलाए जाएं।

2. फास्ट-ट्रैक रिपोर्टिंग सिस्टम लागू हो, जिससे जांच किये गये पदार्थ की रिपोट  24 घंटे में मिल सके।

3. ईमानदार दुकानदारों को ‘सर्टिफाइड शुद्धता’ का टैग दिया जाए, जिससे उपभोक्ता उन्हें पहचान सकें।

4. ग्राहकों को भी जागरूक किया जाए कि वे कैसे नकली मावा या मिलावटी दही की पहचान कर सकते हैं।

रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व पर यदि मिठाई ही मिलावटी निकले, तो त्योहार का मजा किरकिरा हो जाता है। ऐसे में फूड विभाग की यह ताबड़तोड़ छापेमारी एक साहसिक और सही समय पर उठाया गया कदम है। इससे न केवल मिलावटखोरों में डर पैदा होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।

Food department raid before Raksha Bandhan अगर इस तरह का अभियान और अधिक तेज किया जाए और साथ में आम जनमानस को जागरूक किया जाए तो आने वाले समय में हम एक शुद्ध सुरक्षित और सैफ भारत की ओर कदम बढ़ा सकते हैं

 आपकी राय क्या है?

क्या आपने कभी मिलावटी मिठाई या दूध से जुड़ा अनुभव झेला है? नीचे कमेंट करके जरूर बताएं।

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