NEET UG MBBS BDS Fee Hike: दाखिले से पहले 5 लाख की बढ़ोतरी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से जवाब तलब

Written by: akhtar husain

Published on:

Google News
Follow Us

NEET UG MBBS BDS Fee Hike: दाखिले से ऐन पहले फीस क्यों बढ़ाई, 5 लाख के झटके पर हाईकोर्ट ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया

NEET UG MBBS BDS Fee Hike को लेकर ओडिशा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। दाखिले से ठीक पहले एमबीबीएस और बीडीएस फीस 5 लाख तक बढ़ाने पर छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी है।

सोचिए, सालों की मेहनत के बाद नीट यूजी की परीक्षा पास की, काउंसलिंग गाइडलाइंस देखकर भविष्य की पूरी योजना बना ली और फिर अचानक पता चले कि एमबीबीएस या बीडीएस की फीस लाखों रुपये बढ़ा दी गई है। ओडिशा के हजारों छात्रों के साथ यही हुआ। NEET UG MBBS BDS Fee Hike को लेकर अब यह मामला ओडिशा हाईकोर्ट तक पहुंच गया है, और अदालत ने राज्य सरकार से सीधे जवाब तलब किया है।

NEET UG MBBS BDS Fee Hike: दाखिले से पहले 5 लाख की बढ़ोतरी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से जवाब तलब
NEET UG MBBS BDS Fee Hike: दाखिले से पहले 5 लाख की बढ़ोतरी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से जवाब तलब

ओडिशा हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और न्यायमूर्ति एम.एस. रमण शामिल हैं, ने शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सेज की फीस में अंतिम समय में किए गए बदलाव को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने स्किल डेवलपमेंट एंड टेक्निकल एजुकेशन (एसडीटीई) विभाग के कमिश्नर कम सेक्रेटरी और ओडिशा संयुक्त प्रवेश परीक्षा (OJEE) सेल के अध्यक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। NEET UG MBBS BDS Fee Hike अब सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि संवैधानिक और कानूनी सवाल बन चुका है।

यह जनहित याचिका ओडिशा अभिभावक महासंघ ने अपने अध्यक्ष बसुदेव भट्ट के नेतृत्व में दायर की है। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता देबाशीष त्रिपाठी पेश हुए, जबकि याचिकाकर्ता पक्ष से अधिवक्ता बिभूति भूषण चौधरी और समीर मिश्रा ने पैरवी की। याचिका में 16 अगस्त 2025 को जारी उन अधिसूचनाओं को रद्द करने की मांग की गई है, जिनके जरिए कुछ प्रोफेशनल मेडिकल कॉलेजों के फीस स्ट्रक्चर में बदलाव किया गया था। याचिकाकर्ताओं का कहना है, कि NEET UG MBBS BDS Fee Hike ने आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों के सपनों पर सीधा प्रहार किया है।

याचिका में साफ कहा गया है, कि छात्रों ने 4 मई 2025 को NEET UG 2025 परीक्षा दी थी। इसके बाद 31 जुलाई 2025 को ओजेईई ने काउंसलिंग गाइडलाइंस जारी कीं, जिनमें एमबीबीएस और बीडीएस का फीस स्ट्रक्चर स्पष्ट रूप से बताया गया था। इन्हीं गाइडलाइंस पर भरोसा कर छात्रों ने कॉलेज विकल्प भरे, सीट लॉक की और एजुकेशन लोन सहित पूरी वित्तीय योजना तैयार की।

लेकिन काउंसलिंग शुरू होने से ठीक पहले 16 अगस्त को एसडीटीई विभाग ने फीस बढ़ाने की अधिसूचना जारी कर दी। उसी दिन ओजेईई अध्यक्ष ने काउंसलिंग नियमों में संशोधन किया और 18 अगस्त को नया शेड्यूल जारी कर दिया गया। इस अचानक फैसले ने NEET UG MBBS BDS Fee Hike को गंभीर विवाद में बदल दिया।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है, कि इस फैसले से प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में करीब 78 प्रतिशत तक मनमानी फीस वृद्धि हुई। जहां पहले फीस 5.5 लाख से 6.5 लाख रुपये के बीच थी, वहीं अब इसे 8.5 लाख से 11.5 लाख रुपये तक कर दिया गया है। यानी एक झटके में 3 से 5 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ छात्रों पर डाल दिया गया। याचिका में कहा गया है,कि यह न सिर्फ छात्रों के साथ अन्याय है,

बल्कि ओडिशा व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान (प्रवेश विनियमन एवं शुल्क निर्धारण) अधिनियम, 2007 और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी उल्लंघन है। NEET UG MBBS BDS Fee Hike को पूरी तरह असंवैधानिक और अपारदर्शी बताया गया है।

इस मामले में नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) की गाइडलाइंस का भी अहम जिक्र किया गया है। याचिका के अनुसार, एनएमसी ने 11 जुलाई 2025 को अधिसूचना जारी कर मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया था कि सीट मैट्रिक्स जारी करते समय स्वीकृत फीस स्ट्रक्चर का खुलासा करना अनिवार्य होगा। एनएमसी ने यह भी चेतावनी दी थी कि कोई भी छिपी हुई या अस्वीकृत फीस अवैध मानी जाएगी। याचिकाकर्ताओं का कहना है, कि NEET UG MBBS BDS Fee Hike इन गाइडलाइंस के बिल्कुल विपरीत है,और इससे पूरी दाखिला प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।

अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी। अदालत ने साफ कर दिया है,कि अगली तारीख पर राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को अपना लिखित जवाब दाखिल करना होगा। यह मामला सिर्फ ओडिशा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में मेडिकल दाखिलों में पारदर्शिता और फीस नियंत्रण को लेकर एक मिसाल बन सकता है। NEET UG MBBS BDS Fee Hike पर हाईकोर्ट का अंतिम फैसला हजारों छात्रों और अभिभावकों के भविष्य को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा।

Disclaimer यह लेख उपलब्ध अदालती रिकॉर्ड, याचिका में लगाए गए आरोपों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। अंतिम निर्णय कोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगा। पाठकों से अनुरोध है,कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक सूचनाओं और अदालती फैसले की प्रतीक्षा करें।

इसे भी पढ़ें न्यूयॉर्क की नई फर्स्ट लेडी Rama Duwaji ने पलस्तीन की कढ़ाई वाले आउटफिट से सबका दिल जीत लिया

akhtar husain

न्यूज़ दिल से भारत के पाठकों से अनुरोध है कि अगर आप सच्ची और अच्छी ख़बरें पढ़ना चाहते हैं तो न्यूज़ दिल से भारत को सहयोग करें ताकि निष्पक्ष पत्रकारिता करने में हमारे सामने जो बाधाये आती है हम उनको पार कर सके सच्ची और अच्छी खबरें आप तक पहुंचा सके

For Feedback - newsdilsebharat@gmail.com