UPAROICON 2025: गोरखपुर बना उम्मीद की नई किरण, Cancer Treatment in India में दिखी नई दिशा

Written by: akhtar husain

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गोरखपुर में UPAROICON 2025 में देशभर के विशेषज्ञ जुटे।डॉ. ममून ख़ान बोले  “Cancer Treatment in India अब उम्मीद की नई दिशा में।”

कैंसर जागरूकता और नवाचार का संगम बना गोरखपुर सम्मेलन

UPAROICON 2025: गोरखपुर बना उम्मीद की नई किरण, Cancer Treatment in India में दिखी नई दिशा
UPAROICON 2025: गोरखपुर बना उम्मीद की नई किरण, Cancer Treatment in India में दिखी नई दिशा

गोरखपुर में आयोजित 36वां यूपीएआरओआईकॉन (UPAROICON-2025) इस साल का सबसे प्रेरणादायक चिकित्सा सम्मेलन बन गया। यह आयोजन डॉ. चतुर्वेदी कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट, गोरखपुर के तत्वावधान में और Onco Integrated Foundation के सहयोग से Courtyard by Marriott Hotel, Gorakhpur में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ।

देशभर के कैंसर विशेषज्ञों, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट्स और शोधकर्ताओं ने इस सम्मेलन में भाग लिया और cancer treatment in India की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा पर चर्चा की। सभी का एकमत विचार रहा कि भारत अब कैंसर उपचार में तकनीक, संवेदना और सुलभता के नए युग में प्रवेश कर चुका है।

डॉ. ममून ख़ान बोले  “कैंसर से लड़ाई सिर्फ मशीनों की नहीं, मानवीयता की भी है”

सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. मोहम्मद ममून ख़ान ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा “कैंसर से लड़ाई केवल मशीनों या दवाओं से नहीं जीती जा सकती, इसके लिए इंसानियत, सहानुभूति और जागरूकता का होना ज़रूरी है। हमारा लक्ष्य है, कि हर मरीज तक बेहतर और सस्ती cancer treatment in India पहुँचे।”उन्होंने यह भी कहा कि भारत के डॉक्टर और वैज्ञानिक अब सिर्फ इलाज नहीं कर रहे, बल्कि उपचार को एक मानवीय अनुभव बना रहे हैं।

उनके अनुसार, “हर मरीज के इलाज में तकनीक के साथ करुणा का होना भी उतना ही आवश्यक है, तभी cancer treatment in India वाकई विश्वस्तरीय बन पाएगी।”डॉ. ममून ख़ान के इन विचारों ने पूरे सम्मेलन का वातावरण संवेदनशील और प्रेरणादायक बना दिया।

UPAROICON 2025: गोरखपुर बना उम्मीद की नई किरण, Cancer Treatment in India में दिखी नई दिशा
UPAROICON 2025: गोरखपुर बना उम्मीद की नई किरण, Cancer Treatment in India में दिखी नई दिशा

तकनीकी प्रगति से सशक्त हो रहा Cancer Treatment in India

इस सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों ने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों पर अपने शोध और अनुभव साझा किए। Linear Accelerator, MR Linac, और Image-Guided Radiation Therapy जैसी मशीनों के ज़रिए आज भारत में कैंसर का इलाज पहले से अधिक सटीक और सुरक्षित हुआ है।

डॉ. सी.एस. मधु (कोच्चि) ने बताया कि radiation therapy के आधुनिक तरीकों से अब कैंसर टिश्यू पर सीधा निशाना लगाया जा सकता है, जिससे मरीज को कम दर्द होता है। डॉ. आनंद (अपोलो हॉस्पिटल, दिल्ली) ने कहा कि MR Linac जैसी तकनीकें अब भारत को उस स्तर पर ले जा रही हैं जहाँ cancer treatment in India विश्व के श्रेष्ठ देशों की बराबरी कर रहा है। सम्मेलन में यह स्पष्ट रूप से दिखा कि भारत अब न सिर्फ इलाज कर रहा है, बल्कि तकनीकी रूप से कैंसर प्रबंधन में अग्रणी बन रहा है।

मानवीय दृष्टिकोण: कैंसर प्रबंधन की नई दिशा

डॉ. शेली हुक्कू (एसआर गंगाराम हॉस्पिटल, नई दिल्ली) ने कहा कि “हर डॉक्टर को याद रखना चाहिए कि हर मरीज केवल एक केस नहीं, बल्कि एक जीवन है।”उनके अनुसार, भावनात्मक समर्थन और समय पर संवाद cancer treatment in India का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने स्तन, मस्तिष्क, फेफड़े, प्रोस्टेट और ग्रीवा कैंसर जैसे गंभीर मामलों के इलाज पर अपने अनुभव साझा किए। सबका निष्कर्ष था कि बेहतर तकनीक और संवेदनशील डॉक्टर मिलकर ही मरीज के जीवन की गुणवत्ता सुधार सकते हैं।

डॉ. ममून ख़ान ने इस अवसर पर कहा  “हर मरीज के अंदर उम्मीद की लौ जलाना ही असली सफलता है। यही सोच हमें cancer treatment in India को और मजबूत बनाने की प्रेरणा देती है।”

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उत्तर प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों की मजबूत भागीदारी

इस सम्मेलन में एसजीपीजीआई लखनऊ, बीएचयू वाराणसी, एएमयू अलीगढ़, जीएसवीएम कानपुर, एमएलएन मेडिकल कॉलेज प्रयागराज, और बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर जैसे प्रमुख संस्थानों की सक्रिय भागीदारी रही। डॉ. सिद्धार्थ अरोड़ा (बरेली) ने प्रोस्टेट कैंसर के आधुनिक उपचार पर चर्चा की और बताया कि नई तकनीकें cancer treatment in India को विश्व मंच पर पहचान दिला रही हैं। सम्मेलन के अंत में डॉ. ए.के. चतुर्वेदी (अध्यक्ष) ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सिर्फ शोध साझा करना नहीं, बल्कि चिकित्सा के मानवीय मूल्यों को मजबूत करना भी है।

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संवेदना और संस्कृति का संगम: सम्मेलन का प्रेरणादायक समापन

कार्यक्रम के समापन पर हुई सांस्कृतिक संध्या ने पूरे माहौल को मानवीय भावनाओं से भर दिया। डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने कला, संगीत और हास्य के माध्यम से यह संदेश दिया कि चिकित्सा केवल विज्ञान नहीं, बल्कि मानवता की भी सेवा है। यह सम्मेलन इस बात का प्रतीक रहा कि भारत का डॉक्टर समुदाय न केवल इलाज में, बल्कि उम्मीद देने में भी अग्रणी है।

 उम्मीद और उपचार की दिशा में आगे बढ़ता भारत

36वां UPAROICON-2025 यह साबित करता है,कि भारत अब कैंसर उपचार में आत्मनिर्भर और अग्रणी बन चुका है।
नई तकनीकों, संवेदनशील दृष्टिकोण और टीमवर्क के साथ cancer treatment in India अब केवल इलाज नहीं बल्कि जीवन को पुनः संवारने का माध्यम बन रहा है।

डॉ. ममून ख़ान के शब्दों में 
“कैंसर से डरना नहीं, उसे समझना ज़रूरी है। जब विज्ञान और संवेदना साथ चलते हैं, तो हर मरीज के जीवन में नई सुबह आती है।”

akhtar husain

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