Mamun khan गोरखपुर में उम्मीद की किरण: डॉ. मामून खान का कैंसर जागरूकता मिशन
Mamun khan गोरखपुर: जिंदगी और मौत के बीच खड़े सबसे खतरनाक दुश्मनों में से एक है, कैंसर। यह बीमारी चुपचाप, बिना चेतावनी के शरीर में घर कर लेती है, और जब तक हम पहचान पाते हैं, तब तक यह कई बार जानलेवा बन चुकी होती है। लेकिन आज, मदरसा अरबीया मिसबाहुल उलूम, असउजी बाज़ार में एक नई उम्मीद की किरण जगी — और उस उम्मीद का नाम है गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. मामून खान।
एक डॉक्टर, जो सिर्फ इलाज नहीं बल्कि बचाव सिखाते हैं
डॉ. मामून खान सिर्फ मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सक नहीं हैं। वे एक जिंदगी बचाने वाले मार्गदर्शक हैं। उनका मानना है कि कैंसर के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। यह जागरूकता और समय पर जांच।
आज, उन्होंने मदरसे के बच्चों, अध्यापकों और ग्रामीणों के सामने एक ऐसा संदेश रखा जिसमें ज्ञान, चेतावनी और उम्मीद तीनों का संतुलन था।
कैंसर रोग खामोश लेकिन घातक
प्रोजेक्टर की स्क्रीन पर चलते वीडियो और तस्वीरों ने लोगों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया। डॉ. खान ने बेहद सरल और स्पष्ट शब्दों में समझाया:
ब्रेस्ट कैंसर – शुरुआती लक्षण पहचानने के आसान तरीके
मुँह का कैंसर – तंबाकू और गुटखे से होने वाला नुकसान
आंत का कैंसर – खानपान और जीवनशैली में बदलाव से बचाव
उन्होंने कहा, “कैंसर चुपचाप फैलता है, लेकिन अगर हम समय पर सतर्क हो जाएं, तो इसे हराया जा सकता है।”
तंबाकू – धीमा जहर
डॉ. खान ने तंबाकू को धीमा जहर बताते हुए कहा,
“हर दिन तंबाकू का सेवन, आपके शरीर को धीरे-धीरे भीतर से खत्म कर देता है। जो लोग सोचते हैं, कि ‘थोड़ा खाने से क्या होगा’, वे सच में अपनी जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं।”
उन्होंने स्पष्ट कहा कि तंबाकू से दूरी रखना ही मुँह और गले के कैंसर से बचने का सबसे पक्का उपाय है।
बचाव ही सबसे बड़ा इलाज
डॉ. मामून खान ने लोगों को डराने के बजाय सशक्त करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि:
संतुलित भोजन लें – फल, हरी सब्ज़ियां और फाइबर युक्त खाना
जंक और प्रोसेस्ड फूड से बचें – ज्यादा चीनी, नमक और तैलीय भोजन से परहेज
शारीरिक रूप से सक्रिय रहें – रोज़ाना टहलना, योग और हल्का व्यायाम
नियमित स्वास्थ्य जांच – शुरुआती अवस्था में कैंसर का इलाज आसान और सफल
उन्होंने यह भी कहा कि कैंसर हमेशा मौत का मतलब नहीं है, अगर सही समय पर पहचान आत
इसे भी पढ़ें यामाहा 2025 पावर और स्टाइल का नया तूफान
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और शिक्षकों ने माना कि उन्होंने पहली बार कैंसर के बारे में इतनी स्पष्ट और आसान भाषा में सुना।
डॉ. खान ने मेडिकल की जटिल बातों को सरल, रोज़मर्रा की भाषा में समझाकर सबके मन में यह विश्वास पैदा किया कि हम खुद अपने स्वास्थ्य के प्रहरी बन सकते हैं।
कटु सच्चाई – देर से पहचान है सबसे बड़ा खतरा
डॉ. खान ने बताया कि उनका सबसे बड़ा दुख यह है, कि ज़्यादातर मरीज तब आते हैं,जब कैंसर काफी फैल चुका होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि गलत धारणाएं, डर और जानकारी की कमी ही लोगों को समय पर जांच कराने से रोकती हैं।
डॉ. मामून खान – समाज के सच्चे प्रहरी
हर शब्द में एक डॉक्टर का अनुभव और एक इंसान का दर्द झलक रहा था। डॉ. खान का कहना है,
“अगर मेरी दी हुई जानकारी से एक भी जान बची, तो यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी सफलता होगी।”
उनकी छवि सिर्फ एक डॉक्टर की नहीं, बल्कि एक स्वास्थ्य योद्धा की है, जो गांव-गांव जाकर बीमारी के खिलाफ जागरूकता फैलाता है।
उम्मीद और जागरूकता की जीत
मदरसा अरबीया मिसबाहुल उलूम, असउजी बाज़ार का यह कार्यक्रम सिर्फ एक आयोजन नहीं था, बल्कि कई जिंदगियों का नया अध्याय था।
डॉ. मामून खान का संदेश साफ था — तंबाकू से दूरी रखें, सही खानपान अपनाएं, सक्रिय रहें और नियमित जांच कराएं — क्योंकि बचाव हमेशा इलाज से बेहतर है।
अगर देश भर में ऐसे और अभियान हों, तो कैंसर के खिलाफ जंग जीतना नामुमकिन नहीं, बल्कि निकट भविष्य की सच्चाई होगी।
Read More Manch Health Care Korian Theraphy Center पर होता है सभी वर्ग के लोगों का मुफ्त में इलाज।
+ There are no comments
Add yours