हैदराबाद के अकेले बचे ज़िंदा यात्री की दर्दनाक कहानी
Saudi Bus Accident सोमवार की सुबह दुनिया भर से आईं दर्दनाक ख़बरों के बीच एक ऐसी घटना सामने आई जिसने कई परिवारों की ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल दी। सऊदी अरब के मदीना के पास एक भयानक बस हादसा हुआ, जिसमें 42 भारतीय उमराह यात्रियों की मौत हो गई। इन्हीं यात्रियों में से एक युवा—मोहम्मद अब्दुल शोएब, हैदराबाद का रहने वाला—ज़िंदा बच गया। उसकी इस चमत्कारिक बचत के पीछे कितना दर्द, डर और किस्मत की भूमिका रही होगी, इसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है।
हादसे की दिल दहला देने वाली घटना
इस बस में लगभग 46 उमराह यात्री सवार थे, जो मक्का से मदीना की ओर जा रहे थे। बताया गया कि रात करीब 1:30 बजे (IST) बस की टक्कर एक डीज़ल टैंकर से हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और ज़्यादातर यात्रियों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बस में बैठे कई लोगों को कुछ समझ ही नहीं आया कि पल भर में सब कुछ कैसे बदल गया। दूर-दूर तक बस के टूटे हिस्से, आग की लपटें और अफ़रातफ़री का माहौल था। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किए। यह घटना सऊदी अरब में पिछले कई वर्षों में हुए सबसे दर्दनाक हादसों में से एक मानी जा रही है।
A Hyderabad youth, Mohd Abdul Shoaib, survived the deadly bus crash near Madina that killed dozens of pilgrims, including his parents.
His brother, who stayed back in Mecca, received Shoaib’s call minutes after the accident.
Five members from a Mughalnagar family were also among… pic.twitter.com/vpMP8ubiFb— Hyderabad Mail (@Hyderabad_Mail) November 18, 2025
हैदराबाद के मोहम्मद अब्दुल शोएब: ज़िंदगी और मौत के बीच बची एक उम्मीद
हादसे में एकमात्र भारतीय—24 वर्षीय मोहम्मद अब्दुल शोएब—ऐसे थे जो ज़िंदा बच गए। शोएब बस के सामने की सीट पर, ड्राइवर के पास बैठे थे और हादसे का जोरदार झटका उन्हीं पर सबसे पहले आया। फिर भी, किसी चमत्कार की तरह वे बच गए।
उन्हें गंभीर हालत में नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी सेहत की स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन भारतीय दूतावास लगातार अस्पताल और स्थानीय प्रशासन से संपर्क में है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, लेकिन शोएब के ज़िंदा होने की खबर ने उनमें एक उम्मीद की किरण भी जगाई है।
भारतीय मिशन की भूमिका और राहत कार्य की स्थिति
जेद्दाह स्थित भारतीय मिशन ने घटना के तुरंत बाद एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसका उद्देश्य यात्रियों की पहचान, शवों की पहचान, परिवारों से संपर्क और अस्पताल में भर्ती घायल की सहायता करना है।
भारत सरकार भी हालात पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर यात्रियों और परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही है। ऐसे हादसे भारतीय समुदाय के बीच सुरक्षा के बारे में जरूरी सवाल भी खड़े करते हैं, खासकर जब हर साल लाखों लोग उमराह के लिए सऊदी अरब की यात्रा करते हैं।
परिवारों का दर्द, देश की प्रार्थनाएँ
यह हादसा याद दिलाता है कि ज़िंदगी कितनी अनिश्चित है और एक पल में कितना कुछ बदल सकता है।