गोरखपुर बैंक घोटाला 2025 (Gorakhpur Bank Scam)

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गोरखपुर बैंक घोटाला 2025 Gorakhpur Bank Scam

गोरखपुर बैंक घोटाला 2025 – Gorakhpur Bank Scam और Our Golden Future Nidhi Limited Fraud की पूरी जानकारी

गोरखपुर बैंक घोटाला 2025 में Our Golden Future Nidhi Limited Fraud और alleged संचालक Sunil Singh Chauhan पर करोड़ों की ठगी का आरोप। शाहपुर थाना प्रभारी नीरज राय की कार्रवाई, पीड़ितों की सूची, पूरा पता और step-by-step प्रक्रिया यहाँ पढ़ें।

घटना का परिचय Our Golden Future Nidhi Limited Fraud

Gorakhpur Bank Scam
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गोरखपुर में Our Golden Future Nidhi Limited नाम की कंपनी ने निवेशकों को दोगुना-चार गुना रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपये ठग लिए। कंपनी के alleged संचालक Sunil Singh Chauhan पर आरोप है, कि उन्होंने गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों से करोड़ों रुपये जमा करवाए और फिर अचानक ऑफिस बंद करके फरार हो गए।

कंपनी का पता: 627, बिछिया, जंगल तुलसीराम, चौहान टोला, वार्ड-22, शिवपुर, गोरखपुर-273014।

करीब 1,500 निवेशकों का लगभग ₹5 करोड़ डूब गया।

पुलिस कार्रवाई शाहपुर थाना प्रभारी नीरज राय के नेतृत्व में चल रही है।

घटनाक्रम Timeline of Gorakhpur Bank Scam

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9 अगस्त 2025

कंपनी के दफ़्तर पर नोटिस लगा मिला – “चार दिन बाद लौटेंगे।”

14 अगस्त 2025

दफ़्तर लगातार बंद मिला, निवेशकों में चिंता बढ़ी।

27 अगस्त 2025

हजारों निवेशक दफ़्तर के बाहर एकत्र होकर हंगामा करने लगे।

28 अगस्त 2025

निवेशकों ने शाहपुर थाना में शिकायत दी, थाना प्रभारी नीरज राय ने दफ़्तर सील कर जांच शुरू की।

सबूत इकट्ठा करना (Evidence in Sunil Singh Chauhan Scam)

निवेशकों को अपने पैसे की वसूली के लिए सबूत सुरक्षित रखना आवश्यक है, जैसे

पासबुक और रसीदें।

UPI/बैंक ट्रांजैक्शन आईडी।

एजेंट से हुई बातचीत (कॉल/चैट रिकॉर्ड)।

ऑफिस और विज्ञापन की तस्वीरें।

शिकायत दर्ज करना (FIR in Gorakhpur Bank Scam)

थाना स्तर पर

नजदीकी थाना (शाहपुर थाना) में लिखित तहरीर देकर FIR दर्ज कराएँ और GD/FIR नंबर लें।

साइबर क्राइम

हेल्पलाइन 1930 और ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएँ।

बैंक में सूचना

बैंक को लिखित आवेदन देकर आरोपी के खाते फ्रीज़ कराने की कोशिश करें।

कानूनी कार्रवाई (Legal Steps in Our Golden Future Nidhi Limited Fraud)

IPC की धाराएँ: 406 (क्रिमिनल ब्रिच ऑफ ट्रस्ट), 420 (चीटिंग), 467/468 (फ़र्ज़ी दस्तावेज़) लागू होंगी।

BUDS Act 2019 (Unregulated Deposit Schemes Act) के तहत यह योजना अवैध है।

पीड़ित निवेशक सामूहिक याचिका दाखिल कर सकते हैं।

पीड़ितों की सूची (Victims of Gorakhpur Bank Scam)

सावित्री देवी – ₹1,50,000 बेटी की शादी के लिए निवेश।

रामनरेश यादव – ₹2,00,000 रिक्शा चालक।

गायत्री – ₹80,000 घरेलू कामगार।

रिकवरी की संभावनाएँ (Recovery in Sunil Singh Chauhan Scam)

शॉर्ट टर्म: ऑफिस सील, आरोपी की तलाश, खाते फ्रीज़।

मिड टर्म: आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच और संपत्ति जब्ती।

लॉन्ग टर्म: अदालत की कार्यवाही के बाद निवेशकों को पैसा लौटने की संभावना।

भविष्य में बचाव (How to Avoid Bank Fraud in Future)

Quick Money” योजनाओं से बचें।

केवल RBI Approved Banks और सरकारी योजनाओं में निवेश करें।

MCA पोर्टल पर कंपनी का रजिस्ट्रेशन और CIN नंबर चेक करें।

लोगों में वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) बढ़ाएँ।

सामान्य प्रश्न FAQs on Gorakhpur Bank Scam

प्रश्न 1: इस घोटाले का मुख्य आरोपी कौन है?

उत्तर: Our Golden Future Nidhi Limited के alleged संचालक Sunil Singh Chauhan।

प्रश्न 2: कंपनी का ऑफिस कहाँ स्थित है?

उत्तर: 627, बिछिया, जंगल तुलसीराम, चौहान टोला, वार्ड-22, शिवपुर, गोरखपुर-273014।

प्रश्न 3: इस मामले की जांच कौन कर रहा है?

उत्तर: शाहपुर थाना प्रभारी नीरज राय।

प्रश्न 4: कितने लोगों का पैसा डूबा है?

उत्तर: लगभग 1,500 निवेशकों का कुल ≈ ₹5 करोड़।

निष्कर्ष Conclusion on Gorakhpur Bank Scam

गोरखपुर बैंक घोटाला Gorakhpur Bank Scam सिर्फ एक आर्थिक धोखाधड़ी नहीं बल्कि हजारों परिवारों के सपनों और उम्मीदों पर किया गया हमला है। Our Golden Future Nidhi Limited Fraud के alleged संचालक Sunil Singh Chauhan ने लोगों की मेहनत की कमाई को दुगुना रिटर्न के नाम पर फंसाया और फिर अचानक गायब होकर उन्हें सड़क पर खड़ा कर दिया। यह घटना बताती है, कि कैसे लालच और झूठे वादों का जाल बुनकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को निशाना बनाया जाता है।

हालांकि, इस घोटाले का दूसरा पहलू यह है, कि पीड़ित चुप नहीं बैठे। शाहपुर थाना प्रभारी नीरज राय के नेतृत्व में कार्रवाई हुई, ऑफिस सील किया गया और पुलिस ने जांच तेज़ कर दी है। यह उम्मीद की किरण है, कि कानून अपना काम करेगा और अपराधी को उसके अंजाम तक पहुँचाएगा।

लेकिन सबसे बड़ी सीख यही है, कि हमें किसी भी निवेश से पहले कंपनी की वैधता और नियामक संस्थाओं की मंजूरी की जांच करनी चाहिए। “Quick Money” के लालच में फँसना अंततः तबाही ही लाता है। इस तरह के मामलों से बचाव तभी संभव है,जब लोग वित्तीय रूप से जागरूक बनें और ठोस सबूतों के आधार पर ही निवेश करें।

Gorakhpur Bank Scam गोरखपुर बैंक घोटाला केवल एक केस स्टडी नहीं बल्कि एक चेतावनी है, कि भविष्य में इस तरह की ठगी से बचने के लिए हमें सामूहिक जागरूकता और सतर्कता अपनानी होगी। यही न्याय और सुरक्षा की असली गारंटी है।

 

 

 

 

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