Manch health Care Korean Therapy में मात्र चार दिन में ही चलने लगते है फालिज के मरीज 
“Manch health Care Korean Therapy पर फालिज के मरीज को थर्मल मैट की थेरेपी देने के बाद, महीनों से बिस्तर पर पड़े मरीज ने पहली बार अपने पैरों पर खड़े होकर चलना शुरू किया। यह पल मरीज और उसके परिवार के लिए खुशियों से भरा हुआ था, और यह साबित करता है कि सही इलाज और देखभाल से चमत्कार संभव है।”
Manch health Care Korean Therapy फालिज के मरीज की जिंदगी में लौट आई रौनक
शहर के एक कोने में स्थित Manch health Care Korean Therapy में रोज़ाना कई ऐसे लोग आते हैं जिनके चेहरे पर दर्द, निराशा और उम्मीद—तीनों का मिश्रण होता है। इन्हीं में से एक थे रामू सिंह (काल्पनिक नाम), 54 वर्षीय व्यक्ति, जो पिछले 8 महीनों से फालिज (पैरालिसिस) से पीड़ित थे।
फालिज के कारण रामू जी का शरीर का दायां हिस्सा पूरी तरह से काम करना बंद कर चुका था। चलना-फिरना तो दूर, वे खुद से उठकर बैठ भी नहीं पाते थे। कई जगह इलाज करवाने के बाद भी खास सुधार नहीं दिखा। उनका मनोबल टूटने लगा था, लेकिन उनके बेटे ने इंटरनेट पर मंच हेल्थ केयर कोरियन थेरेपी सेंटर के बारे में पढ़ा और उन्हें यहां लाने का फैसला किया।
इलाज की शुरुआत
सेंटर में आने के बाद रामू जी की पूरी जांच की और थर्मल मैट थेरेपी शुरू की।
यह खास कोरियन तकनीक पर आधारित थेरेपी है, जिसमें गर्माहट और विशेष वेव्स के जरिए शरीर के नसों और मांसपेशियों को सक्रिय किया जाता है।
शुरुआत में रामू जी को दिन में 30 मिनट की थर्मल मैट थेरेपी दी गई। साथ ही, हल्की फिजियोथेरेपी और एक्सरसाइज भी कराई गई।
धीरे-धीरे दिखने लगे बदलाव
पहले हफ्ते में ही हाथ-पैर में हल्की हलचल महसूस होने लगी। तीसरे हफ्ते तक वे अपने पैर को थोड़ी देर के लिए ज़मीन पर टिकाने लगे।
छठे हफ्ते के अंत तक—वह दिन आया जिसका इंतजार परिवार और सेंटर की टीम को था—रामू जी पहली बार अपने पैरों पर खड़े हुए और सहारे से कुछ कदम चले।
खुशियों का पल
परिवार की आंखों में खुशी के आंसू थे, और रामू जी के चेहरे पर महीनों बाद मुस्कान लौट आई। यह सिर्फ एक इलाज नहीं, बल्कि उनके जीवन में नई शुरुआत थी।
नतीजा
आज, लगातार थेरेपी और सही देखभाल से रामू जी बिना सहारे चलने का अभ्यास कर रहे हैं। उनका आत्मविश्वास लौट आया है और वे फिर से अपने सामान्य जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।
नोट:
मंच हेल्थ केयर कोरियन थेरेपी सेंटर पर फालिज, PCOD, थायरॉइड, वजन घटाने और कई अन्य समस्याओं का मुफ्त इलाज किया जाता है, ताकि हर व्यक्ति को स्वस्थ जीवन का मौका मिल सके।
थर्मल मैट थेरेपी कैसे काम करती है?
थर्मल मैट थेरेपी एक कोरियन तकनीक है, जिसमें फार-इन्फ्रारेड हीट (Far Infrared Heat) और नेगेटिव आयन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। यह साधारण गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड से अलग है, क्योंकि यह सिर्फ सतह को गर्म नहीं करता, बल्कि शरीर के अंदर तक गहराई में असर करता है।
नसों और मांसपेशियों को एक्टिव करना
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थर्मल मैट से निकलने वाली गर्मी 2-3 इंच अंदर तक पहुंचती है।
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यह रक्त प्रवाह (Blood Circulation) को तेज करती है।
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जब खून का बहाव सही होता है तो नसों को पोषण मिलता है और धीरे-धीरे उनकी सुन्नता कम होती है।
मांसपेशियों में जमी कठोरता को कम करना
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पैरालिसिस में अक्सर मांसपेशियां जकड़ जाती हैं।
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थर्मल हीट जकड़ी हुई मांसपेशियों को ढीला करके उन्हें लचीला बनाती है।
नर्व सिग्नल को जगाना
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गर्माहट और हल्के वाइब्रेशन से दिमाग से शरीर तक जाने वाले नर्व सिग्नल सक्रिय होते हैं।
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इससे मरीज धीरे-धीरे हाथ-पैर हिलाने में सक्षम होने लगता है।
दर्द और सूजन में राहत
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यह थेरेपी प्राकृतिक तरीके से दर्द को कम करती है, बिना किसी दवाई या साइड इफेक्ट के।
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शरीर में जमा टॉक्सिन्स को पसीने के जरिए बाहर निकालने में भी मदद करती है।
थर्मल मैट थेरेपी, फालिज के मरीजों में नसों को सक्रिय करने, मांसपेशियों की जकड़न को कम करने और खून के बहाव को बेहतर करने में मददगार है। जब इसे सही फिजियोथेरेपी और देखभाल के साथ किया जाता है, तो मरीज की रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है।
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