“Gorakhpur Medical Mafia” गोरखपुर मेडिकल माफिया की गुंडागर्दी: दूसरी दुकान से दवा ली तो मरीज के परिजनों पर हमला

Estimated read time 1 min read

“Gorakhpur Medical Mafia” गोरखपुर मेडिकल माफिया की गुंडागर्दी: दूसरी दुकान से दवा ली तो मरीज के परिजनों पर हमला

Gorakhpur Medical Mafia गोरखपुर जिला अस्पताल में मेडिकल माफिया का आतंक – मरीज के परिजन पर हमला, आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक रमेश यादव और विनोद गुप्ता पर पुलिस कार्रवाई। स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल।”

“Gorakhpur Medical Mafia”  गोरखपुर से हिला देने वाली खबर

Gorakhpur Medical Mafia
सोर्स बाय गूगल इमेज

इसे भी पढ़ें PM CM 30 दिन से ज्यादा जेल में रहे तो जाएगी नेतागिरी की कुर्सी

गोरखपुर (UP) से आई यह खबर एक पावरफुल झटका है। जिस जिला अस्पताल को “जनता की जान बचाने का मंदिर” कहा जाता है, वहीं मेडिकल माफिया की गुंडागर्दी ने पूरे सिस्टम की सच्चाई खोलकर रख दी।

मरीज की दवा अगर दूसरी दुकान से खरीदी जाए तो उसके तीमारदार को पीट दिया जाएगा  यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि गोरखपुर की असली हकीकत है।

  “Gorakhpur Medical Mafia” घटना की पूरी सच्चाई

सहजुपार जैतपुर, खजनी निवासी सुशील कुमार भारती अपनी भांजी अंजली का इलाज कराने जिला अस्पताल, न्यू IPD भवन पहुंचे थे।

डॉक्टरों ने इलाज के बाद पर्ची दी और सुशील ने करीब 500 रुपये की दवा खरीदी।

इसी बीच उन्होंने दूसरे वाले मरीज के गार्जियन को बता दिया कि वही दवा बगल की दूसरी दुकान से सस्ती मिल सकती है।

यही सच्चाई और ईमानदारी भरी सलाह सुशील के लिए दुःस्वप्न बन गई।

  “Gorakhpur Medical Mafia” मेडिकल माफिया का हमला

सामने वाले मेडिकल स्टोर का संचालक रमेश यादव बुरी तरह भड़क गया।

उसके साथी विनोद गुप्ता ने भी उसे उकसाया।

दोनों ने मिलकर सुशील पर अस्पताल परिसर में ही खौफनाक हमला कर दिया।

सुशील की दाहिनी उंगली टूट गई, खून बहने लगा और पूरे वार्ड में अफरा-तफरी मच गई।

यह घटना “गोरखपुर मेडिकल माफिया” की बेलगाम ताकत को दिखाती है, जिनके लिए मुनाफा ही भगवान है और मरीज की जिंदगी की कोई कीमत नहीं।

“Gorakhpur Medical Mafia”  पुलिस की एंट्री

वारदात की जानकारी मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

सीओ कोतवाली ओंकारदत्त तिवारी ने कहा –

“Gorakhpur Medical Mafia” यह बेहद गंभीर मामला है। हम सीसीटीवी फुटेज देख रहे हैं। आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक रमेश यादव और उसके साथी विनोद गुप्ता पर मुकदमा दर्ज होगा। किसी भी कीमत पर दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।”

पुलिस का यह बयान लोगों के लिए उम्मीद और भरोसे की किरण है। कि इस बार मेडिकल माफिया को कानून का सामना करना पड़ेगा।

अस्पताल प्रशासन का रुख

 

जब घटना ने तूल पकड़ा तो जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. संजय कुमार सामने आए।

उन्होंने कहा –

“अस्पताल में गुंडागर्दी कतई बर्दाश्त नहीं होगी। दोषी पाए जाने पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

 

यह बयान भले ही पॉजिटिव लगे, लेकिन हकीकत यह है, 8कि घटना के कई घंटे बाद भी अस्पताल प्रशासन को भनक तक नहीं लगी।

यह गोरखपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलता है।

“Gorakhpur Medical Mafia”  बड़े सवाल

 

क्या डॉक्टरों और मेडिकल स्टोर्स के बीच कमीशनखोरी का गुप्त खेल चलता है?

क्या डॉक्टरों और मेडिकल स्टोर्स के बीच कमीशनखोरी का गुप्त खेल चलता है?

अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था इतनी ढीली क्यों है कि मरीज और उनके परिजन असुरक्षित महसूस करें?

मेडिकल माफिया का नेटवर्क इतना मजबूत कैसे हो गया कि वे खुलेआम वारदात कर जाते हैं?

इन सवालों ने गोरखपुर के जिला अस्पताल को नेशनल लेवल डिबेट का मुद्दा बना दिया है।

इस घटना से जुड़े सभी नाम

पीड़ित: सुशील कुमार भारती (सहजुपार जैतपुर, खजनी निवासी)

मरीज: अंजली (भांजी)

आरोपी: रमेश यादव (मेडिकल स्टोर संचालक), विनोद गुप्ता (सहयोगी)

पुलिस अधिकारी: सीओ कोतवाली ओंकारदत्त तिवारी

अस्पताल प्रशासन: डॉ. संजय कुमार (एसआईसी, जिला अस्पताल गोरखपुर)

निष्कर्ष

यह घटना गोरखपुर के लिए शर्मनाक और डरावनी है।

एक तरफ पुलिस और प्रशासन भरोसा दिला रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ मेडिकल माफिया का आतंक आम लोगों की जिंदगी को नरक बना रहा है।

अगर सरकार और प्रशासन ने अब सख्ती नहीं दिखाई, तो गोरखपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी।

मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षा का अधिकार है, न कि डर और खौफ।

गोरखपुर के लोग अब यही सवाल पूछ रहे हैं –

“क्या कानून का राज मजबूत होगा या मेडिकल माफिया का आतंक?

CM योगी आदित्यनाथ और DM गोरखपुर से सीधी अपील: “PMAY को भ्रष्टाचार का चेहरा बना श्री राम मिश्रा, विभागीय जांच कर तुरंत बर्खास्त करें!

Google search engine
akhtar husain https://newsdilsebharat.net

न्यूज़ दिल से भारत के पाठकों से अनुरोध है कि अगर आप सच्ची और अच्छी ख़बरें पढ़ना चाहते हैं तो न्यूज़ दिल से भारत को सहयोग करें ताकि निष्पक्ष पत्रकारिता करने में हमारे सामने जो बाधाये आती है हम उनको पार कर सके सच्ची और अच्छी खबरें आप तक पहुंचा सके

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours