“Gorakhpur Gangster Case”गोरखपुर गैंगस्टर विकास सिन्हा का नया कारनामा: झूठी शिकायतों से वसूली और पुलिस जांच

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“Gorakhpur Gangster Case”गोरखपुर गैंगस्टर विकास सिन्हा का नया कारनामा: झूठी शिकायतों से वसूली और पुलिस जांच

“Gorakhpur Gangster Case” गोरखपुर। अपराध की दुनिया में अक्सर यह कहा जाता है, कि अपराधी जेल की सलाखों के पीछे से भी अपना खेल खेलते रहते हैं। इसका ताज़ा उदाहरण गोरखपुर का कुख्यात गैंगस्टर विकास कुमार सिन्हा है। पहले से ही कई मामलों में जेल की हवा खा रहा विकास सिन्हा अब नए मामले में फंस गया है। इस बार आरोप है, कि उसने अपने गुर्गों के जरिए सादिया अंसारी के भाई अकबर अली के खिलाफ गोरखनाथ और पिपराइच थानों में झूठी शिकायतें दर्ज करवाईं। इन शिकायतों का इस्तेमाल करके पूरे परिवार पर दबाव बनाया गया और बैंक खातों से लाखों रुपये निकलवा लिए गए।

पीड़िता सादिया अंसारी और अकबर अली की पीड़ा

Gorakhpur Gangster Case
सोर्स बाय गूगल इमेज

सादिया अंसारी पहले से ही अपने पति की हत्या के मामले में न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं। जेल में उनकी मुलाकात गैंगस्टर विकास सिन्हा, उसकी पत्नी रेखा सिंह और मां गीता सिंह से हुई थी। बताया जाता है, कि रेखा सिंह ने सादिया को भरोसा दिलाया कि उसका पति पेशे से वकील है, और बड़े-बड़े अधिकारियों तक उसकी पहुंच है। इसी विश्वास का फायदा उठाकर गिरोह ने सादिया और उसके परिवार से भारी-भरकम रकम वसूल ली।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है, कि विकास सिन्हा के इशारे पर उसके गुर्गों ने अकबर अली के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराईं। इन शिकायतों में उसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। परिवार को डराया-धमकाया गया कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो पुलिस कार्रवाई होगी और जेल से बाहर निकलना नामुमकिन हो जाएगा।

अकबर अली और सादिया ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके पूरे परिवार के बैंक खातों से ₹25 लाख से ज्यादा रकम यूपीआई और फोनपे के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करनी पड़ी। इतना ही नहीं, मजबूरी में परिवार को मुथूट फाइनेंस से गोल्ड लोन तक लेना पड़ा ताकि गुर्गों को पैसा दिया जा सके।

“Gorakhpur Gangster Case”  गैंगस्टर का जेल से नेटवर्क

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“Gorakhpur Gangster Case” यह मामला बताता है, कि गैंगस्टर विकास सिन्हा जैसे अपराधी जेल में बंद रहने के बावजूद अपने नेटवर्क के जरिए कैसे लोगों को फंसाकर वसूली करते हैं। पत्नी रेखा सिंह और मां गीता सिंह इस पूरे खेल में सक्रिय बताई जा रही हैं। साथ ही राहुल सिन्हा, यशवंत चौहान और अन्य गुर्गों के नाम भी सामने आए हैं।

इस तरह की घटनाएं पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं। आखिर जेल में बंद अपराधी को बाहर बैठा नेटवर्क कैसे इतना मजबूत समर्थन दे देता है, कि वह पीड़ित परिवारों से करोड़ों रुपये तक वसूल लेता है?

“Gorakhpur Gangster Case” पुलिस प्रशासन की भूमिका

गोरखनाथ और पिपराइच थाने में दर्ज झूठी शिकायतों के आधार पर जब परिवार परेशान हुआ तो उन्होंने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत की। इस बार पुलिस ने गंभीरता दिखाई।

गोरखनाथ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

पीड़ित परिवार से लिए गए पैसों के डिजिटल लेन-देन की जांच की जा रही है।

जिन खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ, उन्हें फ्रीज करने की प्रक्रिया चल रही है।

“Gorakhpur Gangster Case” पुलिस ने विकास सिन्हा, उसकी पत्नी रेखा सिंह, मां गीता सिंह और अन्य आरोपियों के खिलाफ ठगी, धोखाधड़ी और धमकी जैसे गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है, कि अपराधियों को जेल से इस तरह नेटवर्क चलाने नहीं दिया जाएगा। जेल प्रशासन से भी रिपोर्ट मांगी गई है, कि आखिर किन परिस्थितियों में गैंगस्टर जेल से ऐसे षड्यंत्र रच रहा था।

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“Gorakhpur Gangster Case” कोर्ट में सुनवाई और आगे की कार्रवाई

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब अदालत में सुनवाई शुरू हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज यानी 22–23 अगस्त को कोर्ट में विकास सिन्हा से जेल में पूछताछ के लिए सुनवाई तय है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है, कि अदालत से उन्हें न्याय मिलेगा और गैंगस्टर गिरोह को कड़ी सजा दी जाएगी।

“Gorakhpur Gangster Case” गैंगस्टर जेल से ठगी करता रहा, परिवार को झूठी शिकायतों में फंसाया गया, पुलिस प्रशासन की शुरुआती लापरवाही।

अब पुलिस सक्रिय हुई है, केस दर्ज हुआ है, खातों को फ्रीज किया जा रहा है, अदालत में सुनवाई से न्याय की उम्मीद।

निष्कर्ष

“Gorakhpur Gangster Case”गोरखपुर का यह केस साफ दिखाता है, कि अपराधियों का नेटवर्क कितना खतरनाक और मजबूत हो सकता है। गैंगस्टर विकास सिन्हा ने जेल में रहते हुए भी अपने गुर्गों की मदद से सादिया अंसारी और अकबर अली जैसे निर्दोष लोगों को झूठी शिकायतों में फंसाकर लाखों रुपये वसूल लिए। लेकिन अब पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और अदालत की सुनवाई से उम्मीद है, कि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलेगा और गैंगस्टर गैंग को कड़ी सजा मिलेगी।

यह घटना समाज के लिए भी एक संदेश है,कि अपराधी कितनी चालाकी से आम लोगों को निशाना बना सकते हैं,और हमें सतर्क रहना चाहिए। साथ ही पुलिस प्रशासन को और मजबूत कदम उठाने होंगे ताकि जेल की दीवारों के भीतर से अपराध का जाल न फैल सके।

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