Retired DIG Cyber Scam – पूरा मामला क्या है?
Retired DIG Cyber Scamपूर्व पुलिस अधिकारी को सोशल मीडिया पर एक फर्जी प्रोफाइल से संपर्क किया गया। प्रोफाइल इतना असली लग रहा था कि उन्होंने उस पर भरोसा कर लिया। कुछ ही दिनों में ठगों ने व्हाट्सऐप और मैसेंजर के जरिए सस्ता सामान खरीदने का लालच देकर QR कोड के माध्यम से ₹1.75 लाख अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। पैसे भेजने के बाद जब उन्होंने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो ठगों का नंबर बंद मिला।
यह घटना स्पष्ट रूप से साबित करती है की Retired DIG Cyber Scam जैसी घटनाएं सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारी और बड़े अधिकारी को भी इस जाल में फंसा सकती है
ठगों की चाल – कैसे दिया धोखे का जाल?

1️⃣ फर्जी प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट – खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर विश्वास हासिल किया।
2️⃣ व्हाट्सऐप चैट और ऑफर – “सस्ता सामान और शानदार डील” का झांसा दिया।
3️⃣ QR कोड ट्रिक – पीड़ित से बार‑बार पैसे ट्रांसफर कराने का तरीका अपनाया।
4️⃣ कॉन्टैक्ट गायब – जैसे ही रकम मिल गई, सारे नंबर और प्रोफाइल डिलीट कर दिए गए।
Retired DIG Cyber Scam नकारात्मक पहलू – भरोसे का खतरनाक टूटना
यह घटना बताती है कि साइबर ठग इतने चालाक हो चुके हैं कि वे किसी को भी शिकार बना सकते हैं।
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Retired DIG Cyber Scam के बाद लोगों में डर है कि अगर अनुभवी पुलिस अधिकारी भी फंस सकते हैं, तो आम नागरिक कितने असुरक्षित हैं।
सोशल मीडिया और डिजिटल पेमेंट की आसान सुविधा अब ठगों के लिए बड़ा हथियार बन गई है।
सकारात्मक पहलू – जागरूकता की मजबूत सीख
पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज की और साइबर सेल को जांच सौंपी।
यह घटना एक बड़ा अलार्म है कि हमें डिजिटल पेमेंट करते समय हर ऑफर, QR कोड, और लिंक की जांच करनी चाहिए।
नागरिकों के लिए यह केस जागरूकता का शक्तिशाली सबक बन गया है – कि भरोसा करने से पहले सत्यापन बेहद जरूरी है।
पुलिस की कार्रवाई – ठगों की तलाश शुरू
Retired DIG Cyber Scam साइबर सेल ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच शुरू कर दी है। डिजिटल लेनदेन की ट्रेल को ट्रैक किया जा रहा है ताकि अपराधियों को पकड़ा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह राज्य से बाहर या यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
Retired DIG Cyber Scam साइबर ठगी के हालिया मामले
घटना ठगी की रकम तरीका
पूर्व वैज्ञानिक ₹1.29 करोड़ फर्जी CBI कॉल और डिजिटल अरेस्ट
रिटायर्ड बैंक अधिकारी ₹28 लाख ATS अफसर बनकर ठगी
बुजुर्ग महिला ₹56 लाख 22 दिन तक डिजिटल कैद में रखा गया
ये सभी घटनाएं दिखाती हैं कि Retired DIG Cyber Scam कोई अकेला मामला नहीं, बल्कि साइबर अपराधियों के संगठित नेटवर्क का हिस्सा है।
कैसे बचें ऐसे Cyber Scam से?
सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान लिंक या QR कोड पर भरोसा न करें।
सरकारी अधिकारी या बैंक प्रतिनिधि बनकर आने वाली कॉल की पुष्टि हमेशा आधिकारिक नंबर से करें।
डिजिटल पेमेंट करते समय रकम भेजने से पहले सत्यापन जरूर करें।
पासवर्ड बदलते रहें और टू‑फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।
आप सभी इस बात का ध्यान रखें कि आजकल सोशल मीडिया QR भरोसा बिल्कुल ना करें इस आधुनिक दौर में सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी साइबर ठगों के लिए ठगी करने का बेहतर प्लेटफार्म हो गया है।
तो आप सब अपना पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहे और अगर कोई फ्रॉड कॉल आपके पास आती है तो उसे सावधानी बरतें क्योंकि जानकारी और सावधानी यही मात्र जरिया है साइबर ठगों से बचने का पुलिस प्रशासन साइबर ठगों को रोकने का निरंतर प्रयास कर रही है लेकिन पूर्णता कामयाब नहीं हुई है।
लेकिन हमें लगता है आम जनता को सावधानी बरतनी चाहिए साइबर ठगों से बचने के लिए उससे संबंधित जानकारी को पढ़ने और सीखने की जरूरत है।
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