UP Flood 2025यूपी में बाढ़ का कहर: 17 जिलों में तबाही, नौ लोगों की जान गई, 46 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
UP Flood 2025 उत्तर प्रदेश में तेज मानसून ने 17 जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न कर दी है। नौ लोगों की मौत हो चुकी है, दर्जनों शहरों में स्कूल बंद किए गए, और कुल 46 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम ने अचानक लाखों लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रखा है।
UP Flood 2025 प्रभावित जिले और बाढ़ का दायरा
राज्य के 17 जिलों—जिनमें कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, बलिया, गाज़ीपुर, चित्रकूट, मीरजापुर, लखीमपुर, आदि शामिल हैं जो बाढ़ ने हालात पैदा कर रखे हैं। ग्रामीण एवं तहसील स्तर पर सैंकड़ों गाँव पर जलभराव हुआ है। कुल मिलाकर 37 तहसील और लगभग 400 गाँव बाढ़ से प्रभावित हैं।
UP Flood 2025 मौतें और मानवीय क्षति
पिछले चौबीस घंटों में नौ लोगों की मौत हुई है। इनमें दो किशोरियाँ दीवार गिरने से मारी गईं है,और अन्य जल भराव, बिजली गिरने और सांप से भी प्रभावित हुए हैं। कुल मृतक संख्या बढ़कर 11 तक पहुँच चुकी है।

स्कूल बन्दी और सार्वजनिक जीवन बाधित
UP Flood 2025 कई जिलों मे जिनमें लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, बहराइच, सुल्तानपुर प्रमुख हैं जिसमें में सभी बोर्ड स्तर के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो बच्चे स्कूल जाने निकले थे, उन्हें तत्काल घर वापस बुला लिया जाए
बारिश का अलर्ट: 46 जिलों में चेतावनी जारी
मौसम विभाग ने 46 जिलों में भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है:
15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट (गंभीर बारिश)
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बाकी 31 जिलों में येलो अलर्ट (मध्यम से भारी बारिश संभावित)
साथ ही, लखनउ मौसम केंद्र ने बताया कि मानसून की ट्रफ़ तराई और आगरा मंडल की ओर खिंची हुई है, जिससे इन इलाकों में अतिवृष्टि की आशंका बढ़ी है।
UP Flood 2025 प्रशासन का जवाब और राहत कार्य
UP Flood 2025 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Team‑11 गठित की है, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजा गया है। NDRF, SDRF, PAC और प्रशासनिक अधिकारी 24×7 राहत कार्य में जुटे हैं। Prayagraj में हजारों लोग रिलीफ कैंप में शिफ्ट किए गए हैं गंगा और यमुना की जल स्तर निरंतर बढ़ रहा है।
राहत आयुक्त के अनुसार, लगभग 84,392 लोग प्रभावित हुए, जिनमें से 47,900 को राहत सामग्री दी जा चुकी है और लगभग 2,759 पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
UP Flood 2025 बाढ़ का सामाजिक प्रभाव
रोजमर्रा का जीवन यापन पूरी तरह बाधित है, लोग पानी के बीच चलने को मजबूर है नाव द्वारा सफर कर रहे हैं या संकट में फंसे हैं
शिक्षा अति प्रभावित: स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई रुकी हुई है।
स्वास्थ्य का खतरा बड़ा है पानी में कीड़े दूषित पानी और दूषित भोजन से बीमारियां फैलने की संभावना
तैयारी और संभाल – सुझाव
1. जल निकासी सुधारें: गंदे नाले खोलें, पैम्पिंग कार्य जल्दी शुरू करें।
2. अस्थायी राहत शिविर बनाएँ: सुरक्षित स्थानों पर भोजन और चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करें।
3. विधिवत अलर्ट सिस्टम अपनाएँ: मोबाइल व एसएमएस अलर्ट के जरिए रोज जागरूक करें।
4. स्वच्छता और स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी रखें: पानी से रोग न फैलें—इसके लिए डॉक्टर्स एवं वॉटर प्यूरीफायर प्रसार करें।
वैश्विक संदर्भ: यूपी बाढ़ की पुनरावृत्ति
UP Flood 2025 उत्तर प्रदेश मानसून के चलते हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित रहता है। पिछले वर्षों में, सादीसा नदी प्रणालियों का अवरुद्ध होना, नदी तटों पर अवैध बस्तियाँ और अतिवृष्टि इस संकट का मुख्य कारण रहा है। 2023 और 2022 में भी भारी बाढ़ से लाखों लोग विस्थापित हुए थे।
सचेत रहिए, सुरक्षित रहिए
उत्तर प्रदेश में मानसून ने फिर एक बार चेतावनी भरी तस्वीर पेश की है: बाढ़, मृत्यु, बंद स्कूल, और बड़े जनजीवन में बाधा। पर साथ ही, Team‑11, NDRF, SDRF जैसी संस्थाओं की सक्रियता राहत कार्यों को गति दे रही है।
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