BSF Jawan Tragedy in Bijnor: दिल दहला देने वाली प्रेम विवाह की सच्चाई

Estimated read time 1 min read

BSF Jawan Tragedy in Bijnor: दिल दहला देने वाली प्रेम विवाह की सच्चाई

प्रस्तावना

उत्तर प्रदेश का बिजनौर जिला इन दिनों एक दर्दनाक त्रासदी का गवाह बना है। BSF Jawan Tragedy in Bijnor ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ दिया बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया। एक बीएसएफ जवान ने अपने डेढ़ साल के मासूम बेटे को गोद में लेकर गंगा में छलांग लगा दी। इससे भी ज्यादा हृदयविदारक यह है, कि कुछ दिन पहले ही उसकी पत्नी ने भी उसी स्थान से आत्महत्या कर ली थी।

यह घटना केवल एक परिवार की निजी समस्या नहीं है, बल्कि भारतीय समाज के गहरे घावों को उजागर करती है, दहेज प्रथा, पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव।

यह घटना केवल एक परिवार की निजी समस्या नहीं है, बल्कि भारतीय समाज के गहरे घावों को उजागर करती है, दहेज प्रथा, पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव।

घटना का क्रम: दर्द से भरी दास्तां

पत्नी की आत्महत्या

BSF Jawan Tragedy in Bijnor
सोर्स बाय गूगल इमेज

19 अगस्त 2025 को बीएसएफ जवान राहुल सिंह की पत्नी मनिषा ठाकुर गंगा बैराज (गेट नंबर-17) से छलांग लगाकर गंगा की लहरों में समा गईं।

सीसीटीवी फुटेज ने यह पूरी घटना कैद की।

मौके पर उनका मोबाइल, चप्पल और अन्य सामान मिला।

चार दिन तक लगातार खोजबीन के बावजूद शव बरामद नहीं हो सका।

यह घटना परिवार और रिश्तेदारों के लिए किसी तूफान से कम नहीं थी।

जवान और बेटे की छलांग

इसे भी पढ़ें गोरखपुर पेट्रोल पंप पर हुई फायरिंग लगा गैंगस्टर एक्ट

23 अगस्त 2025 को, पत्नी की गुमशुदगी के सिर्फ चार दिन बाद, राहुल सिंह ने अपने डेढ़ साल के बेटे प्रणव को सीने से लगाकर उसी स्थान से छलांग लगा दी।

सीसीटीवी फुटेज ने इस दर्दनाक दृश्य को भी रिकॉर्ड किया।

नदी की तेज धाराओं ने दोनों को निगल लिया।

लोगों की आंखों के सामने यह मंजर किसी डरावने सपने से कम नहीं था।

रेस्क्यू ऑपरेशन: उम्मीद की आखिरी किरण

sex racket in spa मथुरा स्पा सेंटर कांड: जब “Beauty & Wellness” की आड़ में चलता रहा Sex Racket

पुलिस, पीएसी और एसडीआरएफ की टीमें लगातार गंगा में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

गोताखोरों की मदद से नदी की गहराइयों तक खोजबीन हो रही है।

अब तक न तो मनिषा और न ही राहुल और उनके बेटे का कोई सुराग मिल सका है।

परिवार की आंखें आज भी उम्मीद की डोर थामे इंतजार कर रही हैं।

पारिवारिक तनाव और आरोप

यह घटना महज आत्महत्या नहीं बल्कि रिश्तों और समाज के दबाव की भी कहानी है।

तीन साल पहले राहुल और मनिषा ने लव मैरिज की थी।

शादी के बाद दहेज विवाद शुरू हो गया।

मनिषा के परिवार ने राहुल पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए नजीबाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

घर का माहौल बिगड़ने से दोनों मानसिक तनाव में रहने लगे।

पुलिस का मानना है, कि घरेलू कलह और मानसिक दबाव ने इस पूरे परिवार को तबाह कर दिया।

सामाजिक संदेश: यह केवल एक घटना नहीं है

यह त्रासदी हमें कई सवालों के सामने खड़ा करती है:

क्या दहेज जैसी कुप्रथा आज भी परिवारों को निगल रही है?

क्या प्रेम विवाह करने वाले जोड़े समाज की सोच से दबकर टूट जाते हैं?

क्या मानसिक स्वास्थ्य को लेकर हमारा समाज आज भी जागरूक नहीं है?

यह घटना केवल एक परिवार की मौत नहीं बल्कि समाज के लिए कठोर आईना है।

नेगेटिव

दहेज प्रथा और पारिवारिक विवादों ने एक पूरे परिवार को खत्म कर दिया।

समाज और रिश्तेदारों की मानसिकता ने दो मासूम जिंदगियां छीन लीं।

मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी ने इस त्रासदी को जन्म दिया।

पॉजिटिव

इस घटना ने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

अब समय आ गया है, कि परिवार और समाज मिलकर मानसिक स्वास्थ्य, संवाद और विश्वास पर काम करें।

यह घटना समाज के लिए एक सबक है, कि दहेज जैसी बुराई को जड़ से खत्म करना होगा।

निष्कर्ष

BSF Jawan Tragedy in Bijnor सिर्फ एक दर्दनाक घटना नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। अगर हम आज भी दहेज, पारिवारिक विवाद और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को नजरअंदाज करते रहेंगे, तो ऐसी त्रासदियां बार-बार सामने आती रहेंगी।

हमें जरूरत है –

दहेज प्रथा खत्म करने की।

मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की।

पारिवारिक संवाद को मजबूत करने की।

FAQs

 BSF Jawan Tragedy in Bijnor कब हुई?

यह घटना 19 अगस्त और 23 अगस्त 2025 को हुई।

 इस त्रासदी में कितने लोग शामिल थे?

बीएसएफ जवान राहुल सिंह, उनकी पत्नी मनिषा ठाकुर और उनका डेढ़ साल का बेटा प्रणव।

 क्या यह घटना दहेज विवाद से जुड़ी है?

हां, ससुराल वालों ने दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

क्या शव बरामद हुए हैं?

अब तक किसी का भी शव बरामद नहीं हुआ है।

 समाज को इस घटना से क्या सीख लेनी चाहिए?

 दहेज प्रथा और मानसिक तनाव जैसे मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देना होगा और परिवारों को आपसी संवाद को मजबूत करना होगा।

Google search engine
akhtar husain https://newsdilsebharat.net

न्यूज़ दिल से भारत के पाठकों से अनुरोध है कि अगर आप सच्ची और अच्छी ख़बरें पढ़ना चाहते हैं तो न्यूज़ दिल से भारत को सहयोग करें ताकि निष्पक्ष पत्रकारिता करने में हमारे सामने जो बाधाये आती है हम उनको पार कर सके सच्ची और अच्छी खबरें आप तक पहुंचा सके

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours