North Eastern Railway Employees Delhi Convention 2025 दिल्ली कन्वेंशन की सफलता के लिए पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने झोंकी पूरी ताकत
North Eastern Railway Employees Delhi Convention 2025 गोरखपुर। देशभर के रेल कर्मचारियों की आवाज़ को मजबूती देने और उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (PRKS) एवं नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमें (NFIR) ने राजधानी दिल्ली में 2 से 4 सितंबर तक आयोजित होने वाले “UPS-NPS भारत छोड़ो आंदोलन कन्वेंशन” को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी कर ली है। यह अधिवेशन नयी दिल्ली के करनैल सिंह स्टेडियम, बसंत लेन में होगा, जहां हजारों की संख्या में रेलकर्मी जुटकर अपनी ताकत और एकजुटता का प्रदर्शन करेंगे।
इस कन्वेंशन को सफल बनाने के लिए गोरखपुर, बनारस, लखनऊ, इज्जतनगर समेत पूरे उत्तर प्रदेश के रेलकर्मियों ने कमर कस ली है। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री एवं एनएफआईआर के सहायक महामंत्री नयी दिल्ली विनोद राय ने साफ कहा कि यह अधिवेशन सिर्फ कर्मचारियों की आवाज़ नहीं बल्कि उनके अधिकारों की लड़ाई है।
कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर बड़ा अधिवेशन North Eastern Railway Employees Delhi Convention 2025
गोरखपुर में हुई बैठक में विनोद राय ने स्पष्ट कहा कि रेलवे कर्मचारियों की लंबे समय से उपेक्षा हो रही है। उन्होंने बताया कि रनिंग स्टाफ, ट्रैक मेंटेनर, प्वाइंट्समैन और अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी 12 घंटे तक खींची जा रही है, जबकि यह नियमों के खिलाफ है। इसके अलावा वर्षों से प्रमोशन की प्रक्रिया ठप है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है।
उन्होंने कहा कि रेलवे बोर्ड और केंद्र सरकार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है। रेलवे के कई स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिससे कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। वहीं, एयरकंडीशन कोच में प्राइवेट कर्मचारियों से काम कराना और बिना टेंडर के गाड़ियों पर निजी कर्मियों की तैनाती, कर्मचारियों के हितों और भविष्य के लिए गंभीर खतरा है।
“रेलवे को प्राइवेट सेक्टर में सौंपने की साजिश” – फिरोजुल हक
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बैठक का संचालन कर रहे मुख्यालय मंडल मंत्री फिरोजुल हक ने कहा कि रेलवे को धीरे-धीरे प्राइवेट सेक्टर के हवाले किया जा रहा है। इससे न केवल लाखों कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है, बल्कि रेलवे जैसी सार्वजनिक संपत्ति भी निजी हाथों में चली जाएगी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली कन्वेंशन में पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ पूरी मजबूती से अपनी बात सरकार के सामने रखेगा और यह साबित करेगा कि कर्मचारियों के हक से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं होगा।
लखनऊ, बनारस और गोरखपुर मंडल की तैयारियां North Eastern Railway Employees Delhi Convention 2025
कन्वेंशन की तैयारी में सिर्फ गोरखपुर ही नहीं बल्कि लखनऊ, बनारस और इज्जतनगर मंडल के हजारों रेल कर्मचारी भी जुट गए हैं। सभी ने यह तय किया है, कि तीन दिनों तक चलने वाले इस अधिवेशन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर सरकार को यह संदेश दिया जाएगा कि रेल कर्मचारी अब अपने अधिकारों के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करने को तैयार हैं।
बैठक में सलाहकार नवीन मिश्रा ने कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। दिल्ली में होने वाले अधिवेशन में सभी की सक्रिय भागीदारी से सरकार को मजबूरन कर्मचारियों की मांगें माननी पड़ेंगी।
NFIR नेतृत्व का साथ North Eastern Railway Employees Delhi Convention 2025
बैठक में एनएफआईआर के कार्यकारिणी अध्यक्ष डा. एम. राघवैया, जोनल सचिव नयी दिल्ली रमेश मिश्रा, वरिष्ठ नेता दीपक चौधरी समेत कई प्रमुख नेताओं ने कन्वेंशन में अधिकतम भागीदारी का आह्वान किया। सभी नेताओं का कहना था कि यह अधिवेशन रेलवे कर्मचारियों के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।
बड़े नेताओं की मौजूदगी और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी
North Eastern Railway Employees Delhi Convention 2025 बैठक में मुख्यालय मंडल अध्यक्ष संजीव धर, यूथ अध्यक्ष दिवेश सिंह, यांत्रिक कारखाना मंडल अध्यक्ष ईश्वर चंद विद्यासागर, मंडल मंत्री कुलदीप मणि त्रिपाठी, लेखा शाखा अध्यक्ष कमल नयन भारती, मंत्री शमशाद अहमद, संयुक्त मंत्री खजांची शाह, संगठन मंत्री राज कुमार मुर्मू, सहायक मंत्री अमरनाथ पटवा, महिला कार्यकारी अध्यक्ष सोनाली हेमरोन सहित कई जिम्मेदार पदाधिकारियों ने कन्वेंशन को सफल बनाने के लिए अपने-अपने स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं।
बनारस डिविजन के मंडल मंत्री अभिषेक गुप्ता, अंशुमन पाठक, शुभम, सतीश बघेल, इज्जतनगर मंडल के अध्यक्ष कुमार जितेंद्र, मंत्री सुभाष चौधरी, लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष अरशद जमाल, अध्यक्ष आरसी पांडेय और अन्य नेताओं ने भी दिल्ली कन्वेंशन में चलने का आह्वान किया।
आंदोलन की दिशा तय करेगा दिल्ली अधिवेशन North Eastern Railway Employees Delhi Convention 2025
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ का मानना है,कि यदि इस बार कर्मचारियों की आवाज़ दबाई गई तो आने वाले समय में रेलवे का पूरा ढांचा निजीकरण की भेंट चढ़ जाएगा। यही कारण है,कि दिल्ली अधिवेशन को लेकर कर्मचारियों में जबरदस्त उत्साह है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यह अधिवेशन सिर्फ मांगों का मंच नहीं बल्कि आने वाले बड़े आंदोलन की रूपरेखा तय करेगा। रनिंग स्टाफ की ड्यूटी का मुद्दा, प्रमोशन में देरी, निजीकरण का विरोध, रेलवे स्कूलों का पुनः संचालन और कर्मचारियों को उनका हक दिलाना ही इस अधिवेशन का मुख्य एजेंडा होगा।
सरकार को चेतावनी North Eastern Railway Employees Delhi Convention 2025
महामंत्री विनोद राय ने कहा कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज किया तो संघ बड़े पैमाने पर आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारियों ने देश की अर्थव्यवस्था और यात्री सेवाओं को मजबूती देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में उनके साथ अन्याय किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष North Eastern Railway Employees Delhi Convention 2025
दिल्ली कन्वेंशन के लिए पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। हजारों रेल कर्मचारी इस अधिवेशन में शामिल होंगे और अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। गोरखपुर, लखनऊ, बनारस और इज्जतनगर मंडल से भारी संख्या में कर्मचारी दिल्ली पहुंचेंगे।
यह अधिवेशन सिर्फ रेलवे कर्मचारियों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए अहम है,क्योंकि यह तय करेगा कि भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक सेवा संस्था – भारतीय रेलवे – कर्मचारियों के हित में काम करेगी या निजीकरण की ओर धकेली जाएगी।
North Eastern Railway Employees Delhi Convention 2025 पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ और एनएफआईआर ने साफ कर दिया है, कि अब संघर्ष की दिशा दिल्ली से ही तय होगी और रेल कर्मचारी अपने हक की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेंगे।
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