Illegal construction in Gorakhpur निर्माण पर जीडीए की सख्त कार्रवाई, बुलडोजर से ढहे कई ढांचे
Illegal construction in Gorakhpur गोरखपुर शहर में रविवार को विकास प्राधिकरण (GDA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला दिया। करवतिया कठऊर, डारयों, गायघाट बुजुर्ग और शाहपुर क्षेत्र में कई बीघा ज़मीन पर हो रहे कब्जे और निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। अभियान का नेतृत्व प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने किया, जबकि मौके पर क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात रहा।
सुबह से ही प्रशासनिक तैयारी
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रविवार की सुबह जैसे ही जीडीए की प्रवर्तन टीम, भारी पुलिस बल और बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची, इलाके में हलचल मच गई। रामगढ़ताल और शाहपुर क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। कई लोग हैरान थे क्योंकि कुछ निर्माण रातोंरात खड़े किए गए थे। टीम ने मौके पर ऐलान किया कि यह कार्रवाई अदालत के आदेश और जीडीए अधिनियम के तहत की जा रही है।
करवतिया कठऊर: डेढ़ एकड़ भूमि पर चला बुलडोजर
रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के करवतिया कठऊर मौजा में लगभग 1.5 एकड़ जमीन पर बिना नक्शा पास कराए पक्की बाउंड्री और छोटे-छोटे कमरे खड़े किए जा रहे थे। टीम ने इन्हें तत्काल गिरा दिया। अफसरों ने बताया कि यह क्षेत्र नदी के डूब क्षेत्र के अंतर्गत आता है और यहां किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है।
डारयों: 2 एकड़ पर अवैध प्लॉटिंग उजाड़ी
Illegal construction in Gorakhpur मौजा डारयों में करीब 2 एकड़ जमीन पर अवैध कॉलोनी काटी जा रही थी। यहां दर्जनों प्लॉट बुक कर दिए गए थे और कुछ खरीदार निर्माण भी शुरू कर चुके थे। बुलडोजर चलने के बाद पूरा क्षेत्र समतल कर दिया गया। जीडीए अधिकारियों ने खरीदारों को भी चेताया कि बिना वैध कागज़ात और तलपट जांचे जमीन न खरीदें, वरना आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
गायघाट बुजुर्ग: 3000 वर्ग मीटर क्षेत्र पर कार्रवाई
गायघाट बुजुर्ग में 3000 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध निर्माण को गिराया गया। यहां कब्जाधारियों ने दीवारें खड़ी कर दी थीं। कार्रवाई के बाद पूरी ज़मीन खाली कराई गई।
शाहपुर: मैरिज हॉल के सामने गिरी इमारत
शाहपुर क्षेत्र में जंगल मातादीन, पादरी बाजार के पास शगुन मैरिज हॉल के सामने खड़ी एक अवैध इमारत भी ध्वस्त कर दी गई। बताया जा रहा है कि यह निर्माण लंबे समय से विवादों में था और कई बार नोटिस भी दिया गया था, लेकिन मालिक ने अनदेखी की। आखिरकार प्राधिकरण ने बुलडोजर चलाकर पूरा ढांचा जमींदोज कर दिया।
नदियों के किनारे विशेष अभियान
Illegal construction in Gorakhpur राप्ती और रोहिन नदियों के किनारे बसे कई गांवों मे जमुआर, बसंतपुर, मंझरिया आदि में पिछले वर्षों से अवैध प्लाटिंग और कॉलोनियां बसाई जा रही थीं। बाढ़ जोखिम को देखते हुए जीडीए ने इन क्षेत्रों को चिन्हित कर लिया है। रविवार को यहां भी कई छोटे-बड़े ढांचे गिराए गए। अफसरों का कहना है,कि बाढ़ क्षेत्र में अवैध निर्माण लोगों की जान जोखिम में डाल सकता है।
पुलिस बल की मौजूदगी, मौके पर रहे अफसर
Illegal construction in Gorakhpur अभियान के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए मौके पर रामगढ़ताल और शाहपुर थानों की पुलिस फोर्स मौजूद रही। मजिस्ट्रेट की निगरानी में पूरी कार्रवाई हुई। जीडीए प्रवर्तन टीम में प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह, सहायक अभियंता, जेई और अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
अफसरों का बयान – समझौते की कोई गुंजाइश नहीं
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने सख्त लहजे में कहा –
“बिना मान्यता और नक्शा पास कराए कोई भी निर्माण अवैध है। चाहे व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कार्रवाई से बच नहीं पाएगा। बाढ़ क्षेत्र और सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को चेतावनी है, कि तुरंत निर्माण रोक दें।”
प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने कहा Illegal construction in Gorakhpur
“यह अभियान लगातार चलेगा। जो भी लोग अवैध प्लाटिंग या कॉलोनी बेच रहे हैं, वे खरीदारों को ठग रहे हैं। ऐसे मामलों में न केवल ढांचा गिरेगा बल्कि कानूनी कार्रवाई भी होगी।”
आम लोगों की प्रतिक्रिया
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण की तारीफ की और कहा कि इससे शहर का विकास सही दिशा में होगा। वहीं कुछ ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि बड़े बिल्डरों पर कार्रवाई नहीं होती, केवल छोटे लोगों के मकान गिरा दिए जाते हैं।
पुराने मामलों का हवाला Illegal construction in Gorakhpur
जीडीए के अधिकारियों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है। मार्च 2024 में भी इन्हीं क्षेत्रों में कार्रवाई की गई थी। बावजूद इसके कुछ लोगों ने फिर से निर्माण शुरू कर दिया। अब दोबारा पकड़े जाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों की राय Illegal construction in Gorakhpur
शहरी नियोजन विशेषज्ञों के मुताबिक, अवैध निर्माण न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव बढ़ाते हैं,बल्कि शहर की सुरक्षा को भी खतरे में डालते हैं। बाढ़ संभावित इलाकों में अवैध बस्तियां बसाना आने वाले दिनों में बड़ी आपदा का कारण बन सकती हैं।
जनता के लिए चेतावनी
जीडीए ने नागरिकों से अपील की है, कि किसी भी प्लॉट में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। बिना प्राधिकरण की अनुमति के खरीदी गई जमीन न केवल अवैध है, बल्कि आपके लिए भारी नुकसानदेह साबित हो सकती है।
निष्कर्ष Illegal construction in Gorakhpur
गोरखपुर विकास प्राधिकरण की ताज़ा कार्रवाई यह साबित करती है,कि अब अवैध निर्माण करने वालों की खैर नहीं। चाहे डूब क्षेत्र में हो या शहर के भीतरी इलाकों में, बिना नक्शा पास कराए कोई भी निर्माण टिकने वाला नहीं है। प्रशासन का यह अभियान शहर को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और कानूनन सही दिशा में ले जाने की कोशिश है।
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